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Swami Vivekananda Thoughts In Hindi – स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

Swami Vivekananda Thoughts In Hindi - स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार hindividhya.com

Swami Vivekananda Thoughts In Hindi – स्वामी विवेकानंद के अनमोल वचन। मेरे प्रिय दोस्तों आज की इस अच्छे विचारों वाली पोस्ट में हम पड़ेगे Swami Vivekananda Thoughts In Hindi यानि कि स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार के बारे में।

स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक विचार मनुष्य के जीवन को ख़ुशी और आनंद से भर देते हैं। हम सभी लोगों के स्वामी विवेकानंद के ज्ञानमयी पुस्तकों और उनके विचारों से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए। विवेकानंद ने बहुत सरे धार्मिक ग्रंथों और यात्राओं के ज्ञान से अपने प्रवचाओं लिखा और उन पर अमल करके सभी भारतियों के दिलों में बस गए।

स्वामी विवेकानंद रामकृष्ण परमहंस के सुयोग्य शिष्य थे। उन्होंने रामकृष्ण मिशन की स्थापना की थी जो आज भी अपना काम कर रहा है। उन्होंने अमेरिका के शिकागो में विश्व धर्म महासभा में भारत की ओर से सनातन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था।

“मेरे अमेरिकी भाइयों एवं बहनों” उनके भाषण के पहले शब्द थे जो की आज भी हमारे देश में बहुत प्रचलित है। स्वामी विवेकानंद के संबोधन के इस प्रथम वाक्य ने सबका दिल जीत लिया था। उनके सम्बोधन में ऐसा सिर्फ एक वाक्य नहीं था जिसने लोगो का दिल जीता ऐसे सैंकड़ों विचार और तथ्य थे जिन्होंने पूरी धर्म सभा का दिल जीता था।

मुझे स्वामी विवकेनानाद के सभी विचार बहुत अच्छे लगते है। मेरी तरह ऐसे बहुत से लोग है जो स्वामी विवेकानंद को के बारे में पढ़ना और उनकी तरह बोलना पसंद करते हैं। अगर आप भी स्वामी विवेकनन्द के विचारों को पढ़ना चाहते है तो आप हमारी Swami Vivekananda Thoughts In Hindi इस पोस्ट को अंत तक पड़ें।

Swami Vivekananda Thoughts In Hindi – स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

सबसे पहले आपको अपने आप पर

सबसे पहले आपको अपने आप पर विश्वास करना चाहिए उसके बाद आप भगवान् पर विश्वास कर सकते हैं।

आत्मा से सोचो तो कोई भी कार्य असंभव नहीं है। ऐसा सोचना सबसे बड़ा विधर्म है। यदि पाप है, तो यह एकमात्र पाप है, यह कहना कि आप कमजोर हैं, या अन्य कमजोर हैं।

यदि हम ईश्वर को अपने हृदय में और प्रत्येक जीवित प्राणी में नहीं देख सकते, तो हम खोजने कहां जा सकते हैं।

उठो, जागो और लक्ष्य पूरा होने तक मत रुको। अर्थार्त अपने कार्य की सफलता के लिए आप तब तक मेहनत करो जब तक आप सफल नहीं हो जाते।

“मैं नहीं कर सकता” इस बात को अपने मुख पर कभी मत लाओ, क्योंकि मनुष्य अनंत होता है और वह कुछ भी कर सकता है।

जैसी हमारी सोच होती है, बहार की दुनिया बिलकुल वैसी ही होती है। हमारे विचारों के हिसाब से ही चीजें अच्छी या बुरी लगती हैं। सारा संसार हमारे अंदर ही है, बस जरूरत है हमें सही रौशनी में देखने की।

Swami Vivekananda Thoughts In Hindi - स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

खुद को कमजोर और दूसरों को ताकतवर समझना सबसे बड़ा पाप है।

आपके जीवन का अनुभव ही आपका सबसे उत्तम गुरु है, इसलिए जब तक आप जीवित हो सीखते रहो।

जीवन में अपने समय का पाबंद होना, दुसरे लोगों के दिलों में विश्वास को बढ़ाता है।

अगर आप संसार में महान कार्य करना चाहते हैं तो आपको महान त्याग करने पड़ सकते हैं। क्योंकि महान कार्य हेतु महान त्याग करने पड़ते है।

जब जब मेने भगवान से शक्ति मांगी तब तब उसने मुझे मुश्किल हालात में डाल दिया।

सच्चाई के लिए आपको कुछ भी त्याग करना पड़े तो उसका त्याग कर दो, परन्तु किसी के लिए भी सच्चाई का त्याग नहीं करना चाहिए।

इस संसार में प्रत्येक सजीव (जानवर, मनुष्य आदि) की सेवा करना ही भगवान् की सेवा है।

एक अच्छे चरित्र का निर्माण हजारों ठोकरें खाने के बाद ही होता है।

यह हमारा कर्तव्य है की हम लोगों को अपने विचारों पर जीने और सफलता प्राप्ति के संघर्ष करने के लिए प्रोत्साहित करें, और साथ ही सफलता को सत्य के साथ प्राप्ति करने के लिए प्रयास करें।

अपने इरादों को मजबूत रखो। लोग क्या कहेंगे यह मत सोचो जो कहेंगे उन्हें कहने दो। जो लोग आपकी निंदा करते हैं फिर वही लोग आपका गुणगान करेंगे।

जब से मैंने प्रत्येक व्यक्ति शरीर के मंदिर में भगवान् को बैठे हुए महसूस किया है, तब से मैं प्रत्येक व्यक्ति के सामने श्रद्धा से खड़ा होता हूँ और उसमे भगवान् को देखता हूँ। उस पल मैं संसार के सभी बंधन से मुक्त हो जाता हूँ, सभी बंधन गायब हो जाते है और मैं मुक्त हूँ।

इस ब्रह्मण की सारी शक्तियां हमारे अंदर विधमान हैं। यह हम मनुष्य ही हैं जिन्होंने अपनी आँखों के सामने हाथ रखा है और रोते हुए कहा है कि रात हो गयी अँधेरा है।

आगर आप संभव की सीमा को जानना चाहते हैं तो सबसे उत्तम तरीका है, आप इतनी मेहनत करो कि असंभव की सीमा से आगे निकल जाओ।

जो व्यक्ति गरीबों और असहाय के लिए रोता है उनके जीता है उनके लिये म्हणत करता है। भगवान् की नजरों में वही महान आत्मा है, अन्यथा वो सभी दुरात्मा है।

Swami Vivekananda Quotes In Hindi – स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक विचार

चिंतन करो, चिंता नहीं , नए और अच्छे विचारों को जन्म दो।

किसी कार्य के लिए संघर्ष करना जितना कठिन होगा सफलता उतनी ही शानदार होगी।

जब आप कार्य करने में व्यस्त रहते हैं तो सब कुछ आसान लगता है, परन्तु न करने वालों के लिए कुछ भी आसान नहीं होता है।

जरूरी नहीं है जो व्यक्ति बार बार भगवान् का नाम लेता हो वह धार्मिक हो। जो व्यक्ति सत्य का साथ देता है, अच्छे कर्म करता है वही धार्मिक होता है।

सफलता की कुंजी पवित्रता, धैर्य और दृढ़ता के हाथों में होती है। यह तीनों सफलताओं के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

जब हमारा मन किसी विशेष विचार के कब्जे में हो जाता है, तो यह वास्तविक, भौतिक या मानसिक स्थिति में बदलाव लाता है।

महान होते हैं ऐसे लोग जिनके शरीर दूसरों की सेवा करने में नष्ट हो जाते हैं। इनको स्वयं भगवान् से आशीवार्द प्राप्त होता है।

कुछ भी ऐसा हो जो आपको शारीरिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक रूप से कमजोर बनता हो, उसे ज़हर के सामान मानकर नकार देना चाहियें।

यह संसार एक सबसे महान व्यायामशाला की तरह है जहाँ हम खुद को ताकतवर बनाने के लिए आते हैं।

कायर व्यक्ति सदैव अपनी किस्मत पर भरोसा करते हैं, जो वीर पुरुष अपनी किस्मत खुद बनाते हैं। और ऐसे व्यक्ति महान कार्य करते है।

ईश्वर आपके ह्रदय और सभी जीवित प्राणी में होते हैं, इसलिए उसे संसार में कहीं और खोजने की आवश्यकता नहीं है।

स्वयं का विस्तार करना, अपने आपको आदर देना यह कार्य आपको कोई भी नहीं सीखा सकता यह आपको अपने अंदर से करना होगा। आपको कोई भी आध्यात्मिक नहीं बना सकता। आपकी अपनी आत्मा से अच्छा शिक्षक कोई और नहीं है।

एक मंजिल बनाने का निर्णय लो, उसका रास्ता खोजो। उस पर विचार करो, फिर उस विचार को अपना जीवन बना लो। हर समय उसके बारे में सोचो। उसका सपना देखो,उसी विचार पर जियो, उसी विचार के लिए जिओ। मस्तिष्क, मांसपेशियों, नसों, आपके शरीर के प्रत्येक भाग को उस विचार से भर दो। और किसी अन्य विचार को जगह मत दो। सफलता का यही एक रास्ता और गुरुमंन्त्र हैं।

किसी भी कार्य को पूर्ण करने के लिए आप जोखिम लेने से भयभीत न हों, यदि आप जीतते है तब आप नेतृत्व करते हैं, और यदि हारते हैं, तो आप दूसरों का मार्गदर्शन कर सकते हैं।

शक्ति जीवन होती है तो निर्बलता मृत्यु होती है। विस्तार जीवन है तो संकुचन मृत्यु है। अगर प्रेम जीवन है तो घृणा मृत्यु है।

बड़े महान कार्य की सफलता की प्राप्ति के लिए कभी भी ऊँची छलांग मत लगाओ। शुरुआत धीरे धीरे करो, जमीन पर अपनी पकड़ बनाये रखो और निरंतर आगे बढ़ते रहो।

Swami Vivekanand Ke Anmol Vichar – स्वामी विवेकानन्द के अनमोल विचार

मैं मुझे पसंद करने वालों के दिल में और नापसंद करने वालों के दिमाग में सदैव रहता हूँ।

प्रत्येक दिन कम से कम एक बार स्वयं से बात जरूर करें अन्यथा आप एक महान व्यक्ति से बात करने का मौका गवाँ देंगे।

आप आपने लक्ष्य मार्ग पर बिना किसी समस्या (swami vivekananda)

आप आपने लक्ष्य मार्ग पर बिना किसी समस्या के आगे बढ़ते जा रहे हैं, तो एक बार यह जरूर सुनिश्चित कर लें कि कहीं आप गलत मार्ग पर तो नहीं जा रहे हैं।

जब लोग तुम्हे गाली दें तो तुम उन्हें आशीर्वाद दो। सोचो तुम्हारे झूठे अच्छे वचन को बहार निकलवाकर वो आपकी कितनी मदद कर रहे हैं।

उठो मेरे शेरों, इस भ्रम को मिटा दो कि तुम निर्बल हो, तुम एक अमर आत्मा हो, स्वच्छंद जीव हो, धन्य हो, सनातन हो, तुम तत्व नहीं हो, न ही शरीर हो, तत्व तुम्हारा सेवक है, तुम तत्व के सेवक नहीं हों।

जिस प्रकार छोटी बड़ी सभी नदियां अपनी धराये समुद्र की ओर मोड़ती हुए उसी में अपना जल मिला देती हैं। ठीख उसी प्रकार मनुष्य द्वारा चुना गया हर एक रास्ता फिर चाहे वह अच्छा हो या बुरा हो, सभी भगवान् तक जाते है।

हमें किसी की निंदा नहीं करनी चाहिए, न ही किसी से ईर्ष्या करनी चाहिए। अगर आप किसी की मदद करने योग्य है तो लोगों की लिए मदद हाथ बढ़ाएं अगर मदद नहीं कर सकते हो, तो अपने हाथ जोड़िए, उन्हें अपनी मंजिल तक जाने का आशीर्वाद दीजिये।

अगर धन सम्पति किसी भलाई के काम में आ सके तो इसका कुछ महत्व है। अन्यथा ये सिर्फ एक बेकार धातु है इससे जितना जल्दी हो सके, छुटकारा पाए।

आप जब किसी कार्य के लिए प्रतिज्ञा लेते हैं ठीख उसी पल से उस कार्य को करना शुरू कर दीजिये वरना लोग आप पर विश्वाश करना बंद कर देंगे।

जिस व्यक्ति को संसार की किसी वस्तु का मोह नहीं होता समझ लो उस व्यक्ति ने जीवन में अमृत्व प्राप्त कर लिया।

जीवन में आप वही बनते है और वही प्राप्त करते है जो आप सोचते हैं। इसलिए इस बात पर ध्यान दें की आप क्या सोचते हैं कैसे आपके विचार हैं। आपके शब्द गौण हैं, शब्द दूर तक यात्रा करते हैं।

सत्य को किसी के प्रमाण के आवश्यकता नहीं होती। सत्य को हजारों तरीकों से बतया जा सकता है, फिर भी वह सत्य ही रहता है।

संसार की मोहमाया को छोड़कर जो दूसरों के लिए जीते है वास्तविक में वही व्यक्ति जीवन जीते हैं।

हमारे लिए एक ही शब्द आदर्श होता है की तुम परमात्मा हो।

हमें ईश्वर की पूजा सबसे परम प्रिय के रूप में करनी चाहिए, इस जीवन में एवं अगले जीवन में सभी चूजों से बढ़कर हमारे लिए ईश्वर हैं।

बुराईयों और दुःख को कम करने का एक मात्र मार्ग है, कि हमें स्वयं पर विश्वास करना अधिक ढंग से पढ़ाया जाए और उसे अभ्यास कराया जाए।

आत्मा की शुद्धता और आत्मा को परमात्मा से मिलाने के लिए हम अधिक से अधिक बहार जाएँ, और दूसरों को भला करें। प्रत्येक सजीव के सेवा करें।

आपका बाहरी स्वभाव केवल अंदरूनी स्वभाव का बड़ा रूप होता है जिसे आप प्रदर्शित करते हैं।

जब भी आपके दिमाग और दिल के बीच में एक बड़ा टकराव् होता हो उस समय सिर्फ अपने दिल की सुनो। क्योकि दिल में प्रेम की भावना होती है और प्रेम कभी कुछ गलत करने नहीं देगा।

एक समय में एक ही कार्य किया जाना चाहिए परन्तु उस कार्य को पूरी श्रद्धा के साथ करना चाहिए। उस कार्य को करते समय उस कार्य में अपनी पूरी आत्मा को डाल दो ताकी बाकि सब कुछ भूल कर आपका पूरा ध्यान उस कार्य पर हो।

जो अग्नि सर्दियों में हमें गर्मी देती है वह हमें जला भी शक्ति है। इसमें अग्नि का कोई दोष नहीं होता।

हमें किसी भी विषय पर चिंतन करना चाहिए, चिंता नहीं, सदैव उस विषय पर नए विचारों को जन्म देना चाइये।

आप जिसको जो देना चाहते हैं, वो दो, कुछ मत पूछो, बदले में कुछ मत मांगो, आपने जो दिया है वो आप तक जरूर वापस आएगा इसके बारे में आप कुछ मत सोचो।

अगर आपको सच्चा ज्ञान प्राप्त करना है तो गीता अध्ययन नहीं बल्कि आप फुलबॉल बनिए।

सच्ची सफलता के आनंद का रहस्य निस्वार्थ रूप से की गयी सजीव की सेवा है।

मुझे ऐसा लगता है की ऐसा आपने भी अनुभव किया होगा की दूसरो के ऊपर निर्भर रहना जीवन की सबसे बड़ी मूर्खता है। बुद्धिमान व्यक्ति सिर्फ स्वयं पर निर्भर रहते हैं।

आप इस संसार में जैसा बोओगे वैसा काटोगे, आपने भविष्य के निर्माता आप स्वयं है।

स्वामी विवेकानंद के थॉट्स – स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

वेदान्त कोई पाप नहीं जानता, वो केवल त्रुटी जानता है।और वेदान्त कहता है कि सबसे बड़ी त्रुटी यह कहना है कि तुम कमजोर हो, तुम पापी हो, एक तुच्छ प्राणी हो, और तुम्हारे पास कोई शक्ति नहीं है और तुम ये-वो नहीं कर सकते।

Swami Vivekananda Thoughts In Hindi - स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार

किसी बात से डरो मत, तुम सबसे अच्छा कार्य करोगे। यही वह निडरता है जो क्षण भर में परम सुख देती है।

न कुछ खोजो, न किसी से बचो, जीवन में जो आता है उसे लेलो।

मस्तिष्क की सम्पूर्ण शक्तियां सूर्यं की किरणों के तरह होती हैं, वह जब एक जगह केंद्रित हो जाती है तो सूर्य के समान ही चमकने लगती हैं।

किसी सी बंधन की तीन त्रिमूर्तियाँ हैं, आकांक्षा, अज्ञानता, और असमानता।

ईश्वर के प्रति सच्चा प्रेम बंधन आपकी आत्मा को किसी बंधन में बांधता नहीं है, बल्कि आपको सभी बन्धनों से मुक्त करता है।

आत्मा में पवित्रता, मन में धैर्य, शरीर में ऊर्जा, ये तीनो गुण में एक साथ चाहता हूँ।

जितना बड़ा आपका त्याग और संघर्ष होगा जीत उतनी ही शानदार होगी।

Note:- अगर आप स्वामी विवेकानंद पर निबंध के बारे में पढ़ना चाहते हैं तो आप हमारी Essay On Swami Vivekananda In Hindi – स्वामी विवेकानंद पर निबंध इस पोस्ट को पढ़ सकते हैं.

Swami Vivekananda Thoughts In Hindi – स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार से सम्बंधित अन्य महापुरषों के विचार

प्रिय दोस्तों, में आशा करती हूँ की आपको Swami Vivekananda Thoughts In Hindi – स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार को पढ़कर अच्छा लगा होगा। स्वामी विवेकानंद के विचारों ने आपको उत्साहित किया होगा मोटिवेट किया होगा।

आप हमें कमेंट करके बताएं कि आपको स्वामी विवेकानंद कौन सा विचार आपको अच्छा लगा और कौन से विचार ने आपको सबसे अधिक प्रभावित किया। यदि आपको इस Swami Vivekananda Thoughts In Hindi – स्वामी विवेकानंद के अनमोल विचार की पोस्ट से सम्बंधित कोई भी समस्या है तो आप हमे Comments करके पूछ सकते है।

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