Recent Post
 

Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi – स्वच्छ भारत पर निबंध

essay on swachh bharat abhiyan In Hindi - स्वच्छ भारत अभियान पर निबंध

Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi. प्रिय छात्रो आज के इस Essay में हम पड़ेगे Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi के बारे में यानि की स्वच्छ भारत पर निबंध के बारे में स्वच्छ भारत पर निबंध कैसे लिखेगे. स्वच्छ भारत अभियान क्या है. और स्वच्छ भारत अभियान को कब लागु किया गया था. और स्वच्छ भारत अभियान को किसने शुरू किया था. और गाँधी जी ने स्वच्छ भारत का सपना कब देखा था.

तो छात्रो अगर आप लोगो के मन में भी यही सवाल आते है तो इस निबंध को पूरा पढ़िए क्योकि आज में आपको स्वच्छ भारत अभियान की पूरी जानकारी देने जा रही हूँ वो भी अपनी मात्र भाषा हिंदी में. तो चलिए पढ़ते है. Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi के बारे में और जानते है.

Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi – स्वच्छ भारत पर निबंध हिंदी में

  • 10 Lines On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi – स्वच्छ भारत अभियान पर 10 लाइनें.
  • स्वच्छ भारत पर 100 शब्दों का निबंध हिंदी में – Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi 100 Words
  • स्वच्छ भारत पर 200 शब्दों का निबंध हिंदी में – Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi 200 Words
  • स्वच्छ भारत पर 300 शब्दों का निबंध हिंदी में – Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi 300 Words
  • स्वच्छ भारत पर 400 शब्दों का निबंध हिंदी में – Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi 400 Words
  • स्वच्छ भारत पर 500 शब्दों का निबंध हिंदी में – Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi 500 Words
  • प्रतियोगिता के लिए स्वच्छ भारत पर निबंध हिंदी में – Essay On Swachh Bharat Abhiyan For The Competition
  • स्वच्छ भारत अभियान का परिचय.
  • स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत.
  • महात्मा गाँधी जी का सपना.
  • स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्य
  • स्वच्छ भारत अभियान में अन्य योगदान.
  • स्वच्छ भारत अभियान की आवश्यकता.
  • देश के स्वच्छ न होने के कारण.
  • देश को स्वच्छ रखने के उपाय.
  • स्वच्छ भारत अभियान में शामिल मंत्रालय.
  • स्वच्छ भारत अभियान के लिए चुने गए प्रभावी व्यक्ति.
  • स्वच्छ भारत अभियान पर नारे

10 Lines On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi – स्वच्छ भारत अभियान पर 10 लाइनें

  • हमे केवल घर ही नही वल्कि हमें घर, गली, मोहल्ला, हमारा पूरा देश को साफ रखना चाहिए।
  • इस अभियान का पहला कदम हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने 25 सितम्बर 2014 को सुरु किया था। हमारा भारत इस अभियान में बहुत सफल भी हुआ है।
  • स्वच्छ भारत एक अभियान या कोई मिशन नही यह हमारे देश की सुन्दरता को दर्शाता है।
  • इस अभियान को एक दो लोग नही बल्कि सभी लोगों के ससहयोग करने से ही यह अभियान सफल होगा कुछ लोग तो इस अभियान पर काम कर रहे है लेकिन कुछ इसे अपना कर्तव्य न समझ कर छोड़ रहे है।
  • स्वच्छ भारत अभियान को सफल बनाने के लिए सरकार ने न केवल सोचालय बनवाए बल्कि सड़कें और जगह जगह पेड़ पोधे भी लगाये।
  • गाँधी जी का सिर्फ मिशन ही नही बल्कि उनका सपना था कि यह अभियान से वो अपने भारत देश को स्वच्छ रखे।
  • स्वच्छ भारत अभियान को दिल्ली राजघाट से गाँधी जी की 145 वी जयंती को चलाया गया था।
  • 2 अक्टूबर 2014 को हमारे प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी जी ने स्वच्छ भारत अभियान आयोजित किया है।
  • हमारे प्रधानमंत्री द्वारा चलाए गए स्वच्छ भारत अभियान को पूरा करने के लिए सरकार ने सभी गाँव और शहरों में शौचालय बनवा दिए है।

Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi 100 Words – स्वच्छ भारत पर 100 शब्दों का निबंध हिंदी में.

स्वच्छ भारत अभियान (SBA) या स्वच्छ भारत मिशन (SBM) 2014 से 2019 की अवधि के लिए भारत में एक राष्ट्रव्यापी अभियान है जिसका उद्देश्य भारत के शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को साफ करना है.

अभियान का आधिकारिक नाम हिंदी में है और अंग्रेजी में “स्वच्छ भारत मिशन” का अनुवाद करता है. स्वच्छ भारत के उद्देश्यों में घर के स्वामित्व वाले और सामुदायिक स्वामित्व वाले शौचालयों के निर्माण के माध्यम से खुले में शौच को समाप्त करना और शौचालय उपयोग की निगरानी के एक जवाबदेह तंत्र का प्रबंधन करना शामिल है.

भारत सरकार द्वारा संचालित, मिशन का उद्देश्य 2 अक्टूबर 2019 तक “खुले में शौच मुक्त” (ओडीएफ) भारत को प्राप्त करना है, महात्मा गांधी के जन्म की 150 वीं वर्षगांठ है, ग्रामीण भारत में 90 मिलियन शौचालयों का निर्माण करके लाख 1.96 लाख करोड़  की अनुमानित लागत. मिशन 2015 में संयुक्त राष्ट्र द्वारा स्थापित सतत विकास लक्ष्य 6 तक पहुँचने में भारत का भी योगदान होगा.

Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi 200 Words – स्वच्छ भारत पर 200 शब्दों का निबंध हिंदी में.

प्रस्तावना.

स्वच्छ भारत अभियान भारत को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए एक राष्ट्रीय अभियान है और इस अभियान के तहत भारत के 4041 वैधानिक शहरों की सफाई की जाती है. यह अभियान महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने से एक कदम आगे है.

स्वच्छ भारत अभियान महात्मा गांधी की 145 वीं जयंती पर भारत में 2 अक्टूबर 2014 को शुरू की गई एक सबसे सराहनीय योजना है, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा, भारत को स्वच्छ बनाने के लिए एक मिशन शुरू किया गया जिसका उद्देश्य महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती है.

2 अक्टूबर 2019 को इस अभियान के तहत अप्रैल 2014 से जनवरी 2015 के बीच कुल 31.83 लाख शौचालयों का निर्माण किया गया था और अगले 5 वर्षों तक पूरे भारत में लगभग 12 करोड़ शौचालयों का निर्माण किया जाएगा.

यह योजना क्यों शुरू की गई है?

  • भारत को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिए
  • उचित अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली बनाना
  • ग्रामीण लोगों में वैश्विक जागरूकता पैदा करना
  • बेहतर स्वास्थ्य और स्वच्छता का आश्वासन देना
  • भारतीयों का जीवन स्तर सुधारने के लिए ग्रामीण क्षेत्र में रहते हैं.

नरेंद्र मोदी ने इस योजना के तहत कई मशहूर हस्तियों को नामित किया जिनमें क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, बाबा रामदेव, अनिल अंबानी, अभिनेता सलमान खान, प्रियंका चोपड़ा और कमल हसन, महान हास्य कलाकार कपिल शर्मा और प्रसिद्ध टीवी धारावाहिक तारक मेहता का उल्टा चश्मा की टीम शामिल हैं और उनसे पूछें एक श्रृंखला बनाने के लिए उनके अधीन नौ और लोगों को नामित करें.

Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi 300 Words – स्वच्छ भारत पर 300 शब्दों का निबंध हिंदी में

प्रस्तावना.

स्वच्छ भारत अभियान भारत में होने वाले सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय अभियानों में से एक है. स्वच्छ भारत अभियान स्वच्छ भारत मिशन में तब्दील हुआ. यह अभियान भारत के सभी शहरों और कस्बों को स्वच्छ बनाने के लिए तैयार किया गया था. इस अभियान को भारत सरकार द्वारा प्रशासित किया गया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था.

महात्मा गांधी के स्वच्छ भारत के सपने को पूरा करने के लिए इसे 2 अक्टूबर को लॉन्च किया गया था. स्वच्छ भारत अभियान का स्वच्छता अभियान राष्ट्रीय स्तर पर चलाया गया था और इसमें सभी शहरों, ग्रामीण और शहरी इलाकों को शामिल किया गया था. इसने लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए एक महान पहल के रूप में कार्य किया.

स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्य.

स्वच्छ भारत अभियान ने इसे प्राप्त करने के लिए बहुत सारे उद्देश्य निर्धारित किए ताकि भारत स्वच्छ और बेहतर बन सके. इसके अलावा, इसने न केवल सफाईकर्मियों और श्रमिकों बल्कि देश के सभी नागरिकों से अपील की. इससे संदेश को व्यापक पहुंच बनाने में मदद मिली. इसका उद्देश्य सभी घरों में सेनेटरी सुविधाओं का निर्माण करना है. ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे आम समस्याओं में से एक खुले में शौच है.

स्वच्छ भारत अभियान का उद्देश्य इसे खत्म करना है. इसके अलावा, भारत सरकार सभी नागरिकों को हैंडपंप, उचित जल निकासी प्रणाली, स्नान सुविधा और अधिक की पेशकश करने का इरादा रखती है. यह नागरिकों के बीच स्वच्छता को बढ़ावा देगा.

भारत को स्वच्छ भारत अभियान की आवश्यकता क्यों है

भारत को गंदगी को मिटाने के लिए स्वच्छ भारत अभियान जैसे स्वच्छता अभियान की सख्त जरूरत है. यह स्वास्थ्य और कल्याण के संदर्भ में नागरिकों के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण है. चूंकि भारत की अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है, इसलिए यह एक बड़ी समस्या है.

आमतौर पर, इन क्षेत्रों में, लोगों के पास शौचालय की उचित सुविधा नहीं है. वे खेतों या सड़कों पर निकलते हैं. यह अभ्यास नागरिकों के लिए बहुत अधिक स्वच्छता समस्याएं पैदा करता है. इसलिए, यह स्वच्छ भारत मिशन इन लोगों की जीवन स्थितियों को बढ़ाने में बहुत मदद कर सकता है.

Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi 400 Words – स्वच्छ भारत पर 400 शब्दों का निबंध हिंदी में

प्रस्तावना

इसे 2 अक्टूबर, 2014 को नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा गांधी के स्वच्छता के विचार के प्रति समर्पण के रूप में लॉन्च किया गया था. गांधी का भारत को स्वच्छता की समस्या से मुक्त बनाने का एक समान सपना था.

स्वच्छ भारत अभियान के पीछे प्रमुख एजेंडा उचित कचरा प्रबंधन था और यह सुनिश्चित करना कि ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर में शौचालय हो. यह सरकार की ओर से ज्ञात किया जाने वाला पहला ऐसा प्रमुख सामाजिक आंदोलन है. नरेंद्र मोदी ने यह भी सोचा था कि महात्मा गांधी की जयंती पर स्वच्छ भारत अभियान शुरू करने वाला कुछ भी प्राचीन नहीं हो सकता है.

वह खुद सड़कों पर उतरकर कचड़ा, कूड़ा उठाने के लिए उतर गया. वह चाहते थे कि अन्य लोग हाथ मिलाएं और 2019 तक स्वच्छ भारत की दिशा में इस पहल को आगे बढ़ाएं. इस परियोजना पर 2 लाख करोड़ रुपये खर्च होने की उम्मीद थी.

भारत का सबसे बड़ा सार्वजनिक स्वास्थ्य मिशन

स्वच्छ भारत मिशन का उद्देश्य सार्वभौमिक स्वच्छता कवरेज और ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं के माध्यम से स्वच्छता के बेहतर स्तर को प्राप्त करना है. इसका उद्देश्य सड़कों, सड़कों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई करना भी है. लोगों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार के लिए ये उपाय एक परम आवश्यकता हैं.

देश के विकास के लिए उसके नागरिकों का अच्छा स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण विकास कारक है. लोग आर्थिक गतिविधियों में अधिक मजबूती से भाग ले सकते हैं और बेहतर जीवन जी सकते हैं. मिशन का उद्देश्य स्वच्छता और स्वास्थ्य के बीच अंतर्संबंध पर जनता के बीच जागरूकता पैदा करना भी है.

परियोजना की अनुमानित लागत रु. से अधिक है. 620 बिलियन. भारत और विश्व बैंक की केंद्र और राज्य सरकारें संयुक्त रूप से परियोजना के लिए धन दे रही हैं. सीएसआर गतिविधियों के रूप में कॉर्पोरेट कंपनियां भी हिस्सा लेती हैं. कई गैर-लाभकारी संगठन परियोजना में भाग ले रहे हैं और एक अच्छा काम कर रहे हैं.

हमने अब तक कितना अच्छा प्रदर्शन किया है

दशकों से हमारे देश में स्वच्छता और कचरा प्रबंधन एक उपेक्षित मुद्दा रहा. गाँवों में, लोगों के पास पर्याप्त नहीं है, और शहरों में, भ्रष्टाचार व्याप्त है, जिसके परिणामस्वरूप अनियमित गतिविधियाँ होती हैं. 2014 में हमारे देश में कुल स्वच्छता कवरेज सिर्फ 38.7% था.

2014 में स्वच्छ मिशन का उद्देश्य 2019 तक भारत को खुले में शौच मुक्त बनाना था. लेकिन कई स्थानों पर अभी भी हमारे देश में स्वच्छता सुविधाओं की कमी है. शहरों में कचरा लैंडफिल होता रहता है. हालांकि हमारे पास नए सार्वजनिक शौचालय हैं, लेकिन उनमें से सभी में पानी की आपूर्ति नहीं है.

अभी तक केवल 40 प्रतिशत फेक कचरे का ही उचित उपचार किया जाता है. हालांकि लोगों से अनुरोध किया जाता है. कि वे बायोडिग्रेडेबल और प्लास्टिक कचरे को अलग करें, लेकिन वे इसका पालन नहीं करते हैं. हमें स्वच्छता को अपना व्यक्तिगत व्यवसाय मानना चाहिए न कि केवल सरकारी जिम्मेदारी.

हमें स्थायी और स्वस्थ जीवन जीने के लिए अपनी भूमि और जल निकायों का संरक्षण करना चाहिए. लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए बहुत कुछ किया गया है, लेकिन सफलता तब तक प्राप्त नहीं की जा सकती जब तक कि सभी नागरिक इसे प्राप्त करने के लिए अपनी भागीदारी नहीं करते. इस प्रकार, हमारा उद्देश्य “मेरा भारत स्वच्छ भारत” होना चाहिए।

Conclusion (निर्ष्कर्ष):-

बहुत सारे प्रभावशाली लोगों ने इसे आगे बढ़ाया है और इस संबंध में जागरूकता फैला रहे हैं. इस पहल के लिए इतने सारे लोगों को आगे आते देखना अच्छा है. किसी भी सरकारी नीति या योजना ने कभी भी सहकारी नागरिकों के बिना काम नहीं किया है, न ही यह होगा.

नागरिकों को पर्यावरण की देखभाल करने और अपने पर्यावरण की देखभाल करने के लिए पर्याप्त सतर्क रहना चाहिए.

Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi 500 Words – स्वच्छ भारत पर 500 शब्दों का निबंध हिंदी में

प्रस्तावना

यह एक ऐसी विडंबना है कि हमारी सरकार को अपने घर, पड़ोस आदि में सफाई के लिए अभियान चलाना पड़ता है. भारतीय जनता भी अद्भुत है, अपने काम के लिए, वह सरकार का चेहरा भी देखती है.

अगर हमारा घर का आंगन साफ-सुथरा है तो यह हमारे लिए अच्छा होगा, आजकल हम दूसरों से भी अपने स्वार्थ की उम्मीद करते हैं. इस आदत को बदलना होगा. यह न केवल हमारे लिए बल्कि पूरे देश के लिए आवश्यक है. इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान शुरू हुआ.

क्या है स्वच्छ भारत अभियान

स्वच्छ भारत अभियान भारत सरकार द्वारा स्थापित एक राष्ट्रीय स्वच्छता अभियान है, जिसमें 4041 वैधानिक शहरों, सड़कों, फुटपाथों और कई अन्य साइटों को शामिल किया गया है. यह एक बड़ा आंदोलन है, जिसके तहत भारत को 2019 तक पूरी तरह से स्वच्छ बनाने की बात कही गई थी.

मिशन 2 अक्टूबर 2014 (145 वां जन्मदिन) पर बापू के जन्मदिन के शुभ अवसर पर लॉन्च किया गया था और इसे 2 अक्टूबर 2019 (बापू के 150 वें जन्मदिन) तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. यह अभियान शहरी विकास और पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय द्वारा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू किया गया है.

स्वच्छ भारत अभियान क्यों शुरू किया

2 अक्टूबर 2014 को शुरू हुआ यह अभियान गांधी जी की 150 वीं जयंती, 2019 को ‘स्वच्छ भारत’ के उद्देश्य से शुरू किया गया था. यह उनके सपनों का भारत देखने के लिए अच्छे गांधी जी को श्रद्धांजलि होगी. सोचने की बात है, जरूरत क्यों थी.

मैंने कई बार देखा है, लोग अपने घरों में शौचालय होने के बाद भी बाहर जाते हैं. क्योंकि उन्होंने ऐसा चलन बनाया है. इस आंदोलन ने उनकी सोच को बदलना शुरू कर दिया. ग्रामीण लोगों की सोच बदलना थोड़ा मुश्किल है.

इसका पहला उद्देश्य भारत को खुले में शौच की प्रवृत्ति से मुक्त करना है. इसके तहत सरकार ने हर गाँव में शौचालय बनवाए. साथ ही लोगों से इन शौचालयों का उपयोग करने की अपील की. बाहर जाने की आदत का त्याग करें

इतना ही नहीं, बल्कि लोगों में जागरूकता फैलाने के लिए विभिन्न स्थानों पर शिविर भी आयोजित किए जाते हैं, उन्हें नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से इसके लाभों से अवगत कराया जाता है. ग्राम-पंचायतों की सहायता से, सभी घरों में उचित अपशिष्ट प्रबंधन की प्रणाली भी सिखाई जाती है. और हर घर में पानी की पाइपलाइन भी बिछाई गई है. 1.25 बिलियन की आबादी वाला भारत, अभी भी आधी से अधिक आबादी गांवों में रहती है.

अगर हम आंकड़ों पर गौर करें तो 2011 की जनगणना के अनुसार, 16.78 करोड़ परिवारों की लगभग 72.2% आबादी गाँवों में रहती है. और आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि केवल 5.48 करोड़ परिवार ही शौचालय का उपयोग कर रहे हैं.

स्वच्छ भारत अभियान की जरूरत

इस मिशन की कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए. भारत के लोगों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और बौद्धिक कल्याण ने महसूस किया है कि यह नितांत आवश्यक है. यह सही मायने में भारत की सामाजिक स्थिति को बढ़ावा देना है, जिसे हर जगह स्वच्छता लाकर शुरू किया जा सकता है.

यहाँ नीचे कुछ बिंदुओं का उल्लेख किया गया है जो स्वच्छ भारत अभियान की आवश्यकता को दर्शाता है:-

  • यह बहुत महत्वपूर्ण है कि भारत के हर घर में शौचालय हो, साथ ही खुले में शौच को खत्म करने की आवश्यकता हो.
  • वैज्ञानिक तरीके से नगरपालिका के कचरे का पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग, सुरक्षित निपटान और सीवेज प्रबंधन का कार्यान्वयन.
  • अपने स्वास्थ्य के प्रति भारत के लोगों की सोच और स्वभाव को बदलने के लिए और स्वच्छता की प्रक्रियाओं का पालन करने के लिए.
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों में वैश्विक जागरूकता लाना और सामान्य लोगों को स्वास्थ्य से जोड़ना.
  • इसमें काम करने वाले लोगों की मदद करने के लिए स्थानीय स्तर पर कचरे के निष्पादन को नियंत्रित करना, खाका तैयार करना.

Conclusion (निर्ष्कर्ष):-

हम कह सकते हैं कि हम इस वर्ष अपने लक्ष्य के लिए काफी हद तक सफल हुए हैं. जैसा कि हम सभी ने कहावत में सुना है ‘स्वच्छता ईश्वर की ओर अगला कदम है’. हम विश्वास के साथ कह सकते हैं कि, अगर आने वाले समय में भारत के लोग प्रभावी रूप से इसका अनुसरण करते हैं.

तो आने वाले समय में पूरा देश स्वच्छ भारत अभियान के साथ भगवान की जगह बन जाएगा. हमारा कर्तव्य है कि हम एक सच्चे नागरिक बनें, न तो गंदगी फैलाएं और न ही फैलाएं. देश को अपने घर की तरह चमकाएं ताकि आप भी गर्व से कह सकें कि आप भारतीय हैं.

Essay On Swachh Bharat Abhiyan For The Competition – प्रतियोगिता के लिए स्वच्छ भारत पर निबंध हिंदी में

नरेन्द्र मोदी जी ने भारत में इस मिशन के माध्यम से, भारत सरकार का उद्देश्य तरल और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं के माध्यम से स्वच्छता और स्वच्छता के बेहतर स्तर को प्राप्त करना है. यह अभियान शहरी और ग्रामीण कस्बों और शहरों में एक स्वच्छ वातावरण बनाने के लिए तैयार किया गया था.

स्वच्छ भारत अभियान का परिचय

स्वच्छ भारत अभियान को स्वच्छ भारत मिशन और स्वच्छता अभियान भी कहा जाता है. यह एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है और भारत सरकार द्वारा चलाया जा रहा है, जो शहरों और गांवों की स्वच्छता के लिए शुरू किया गया है.

इस अभियान में शौचालय का निर्माण, ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, सड़कों और सड़कों की सफाई, देश के बुनियादी ढांचे को बदलना शामिल है. इस अभियान को आधिकारिक तौर पर 2 अक्टूबर 2014 को नई दिल्ली के राजघाट में महात्मा गांधी की 145 वीं जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया था.

यह एक राजनीति-मुक्त अभियान है और देशभक्ति से प्रेरित है. यह प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक जिम्मेदारी है और इस देश को एक स्वच्छ देश बनाने के लिए प्रत्येक भारतीय नागरिक की भागीदारी की आवश्यकता है. इस अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों ने विश्व स्तर पर पहल की है. स्कूल के शिक्षक और छात्र पूरे उत्साह और उल्लास के साथ इसमें शामिल हो रहे हैं और ‘स्वच्छ भारत अभियान’ को सफल बनाने की कोशिश कर रहे हैं.

स्वच्छ भारत अभियान की शुरूआत देश को सरकार द्वारा स्वच्छता के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत करना है. स्वच्छ भारत का सपना महात्मा गांधी ने देखा था, जिसके संदर्भ में गांधी जी ने कहा था कि “स्वच्छता स्वतंत्रता से अधिक महत्वपूर्ण है” अपने समय में वह देश की गरीबी और गंदगी से अच्छी तरह वाकिफ थे, इसीलिए उन्होंने अपने सपनों को हासिल किया . कई प्रयास किए, लेकिन सफल नहीं हो सके.

Swachh Bharat Abhiyan Launched –  स्वच्छ भारत अभियान की शुरुआत

नई दिल्ली: 2 अक्टूबर 2014 को, प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने महत्वाकांक्षी पैन इंडिया स्वच्छता मिशन के शुभारंभ के अवसर पर स्वच्छ भारत अभियान देश भर में और अधिक शौचालयों के निर्माण पर जोर दिया. प्रधान मंत्री ने कहा कि खुले में शौच करने के लिए मजबूर महिलाओं को उचित स्वच्छता सुविधाओं की कमी के सबसे बुरे शिकार थे, और स्वच्छ भारत अभियान इस विशेष समस्या को हल करने के लिए दिखेगा.

अपने लॉन्च के लगभग चार साल बाद, स्वच्छ भारत अभियान एक अभियान और स्वच्छता में बदल गया है, विशेष रूप से ग्रामीण भारत में, काफी परिवर्तन हुआ है. पिछले चार वर्षों में 8 करोड़ से अधिक शौचालयों के निर्माण के साथ, ग्रामीण स्वच्छता में सुधार के मिशन का लक्ष्य अच्छी तरह से आगे बढ़ गया है, लेकिन कुछ धक्कों और हिचकी के बिना नहीं.

शहरी भारत की स्वच्छता सुविधाओं में सुधार स्वच्छ भारत अभियान के रडार पर भी रहा है, और जबकि कई शहरों ने खुले में शौच को खत्म करने और अपने कचरे को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने के लिए महत्वपूर्ण सुधार दिखाया है, बहुत काम किया जाना बाकी है.

महात्मा गाँधी जी का सपना

उन्होंने जोर देकर कहा कि गांधी के स्वतंत्रता, गरिमा और समानता के सिद्धांत अंतरिक्ष और समय तक सीमित नहीं हैं और उनके पास सार्वभौमिक प्रयोज्यता और कालातीत मूल्य है.गांधी को दुनिया के सबसे बड़े नेता के रूप में बधाई देते हुए उन्होंने कहा.

उपराष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि भारत ने खुले में शौच मुक्त समाज होने की गांधी की दृष्टि को प्राप्त करने के एक बड़े मील के पत्थर को पार कर लिया है, और भी कई चुनौतियों का सामना करना है. “गांधी जी ने एक आत्मनिर्भर भारत, गरीबी, भेदभाव और सामाजिक बुराइयों से मुक्त एक राष्ट्र की कल्पना की, जो एक ऐसा देश है जो दुनिया में गर्व और सम्मान की जगह लेता है.”

उन्होंने लोगों से सामूहिक रूप से महात्मा का सम्मान करने के लिए एक साथ काम करने के लिए कहा, जो “समावेशी, सामंजस्यपूर्ण, स्वच्छ और समृद्ध” भारत के लिए अपनी दृष्टि का एहसास कराए.

इस बीच, केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने स्वच्छता पर जोर दिया और कहा कि गांधी ने एक स्वच्छ समाज का सपना देखा था और सभी को “स्वच्छ भारत सेवा” का संकल्प लेना चाहिए क्योंकि यह महान व्यक्तित्व को सच्ची श्रद्धांजलि होगी.

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी आज सुबह राजघाट पर पुष्पांजलि अर्पित की. राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और कई अन्य गणमान्य लोगों ने भी राजघाट पर महात्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की.

स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्य

स्वच्छ भारत मिशन भारत सरकार द्वारा देश की सड़कों और बुनियादी ढांचे को साफ करने के लिए 4041 वैधानिक शहरों को शामिल करते हुए एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान है. यह अभियान 2 अक्टूबर 2014 को राजघाट, नई दिल्ली में आधिकारिक तौर पर शुरू किया गया था, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद झाड़ू लगाया और एक सड़क की सफाई की.

यह अभियान भारत का अब तक का सबसे बड़ा स्वच्छता अभियान है और भारत के 3 मिलियन सरकारी कर्मचारियों और स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया. इस अभियान को भारत के प्रधान मभारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने शुरू किया था, इस अभियान के लिए नौ प्रसिद्ध हस्तियों को नामित किया गया था, और वे चुनौती लेते हैं और नौ और लोगों को नामांकित करते हैं और इसी तरह तब से इसे आगे बढ़ाया गया है, जिसमें सभी क्षेत्रों के प्रसिद्ध लोग शामिल हो रहे हैं.

  • पूरे देश मैं संपूर्ण तरीके से स्वच्छता और स्वच्छता को बढ़ावा देना.
  • खुले में शौच की घटनाओं को कम करने के लिए हर घर में शौचालय बनवाना
  • ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना
  • स्थायी स्वच्छता प्रथाओं की अवधारणा को प्रोत्साहित करने के लिए
  • स्वास्थ्य और स्वच्छता के बारे में जागरूकता पैदा करना.
  • भारत को सतत विकास लक्ष्य 6 (SDG 6) तक पहुँचने में भारत की मदद करना.
  • लागत प्रभावी स्वच्छता प्रयासों को प्रोत्साहित करना.
  • समुदाय प्रबंधित स्वच्छता प्रणाली विकसित करने के लिए
  • वैज्ञानिक ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए.
  • लिंग पर सकारात्मक प्रभाव पैदा करना और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देना

स्वच्छ भारत अभियान में अन्य योगदान – Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को एक सार्वजनिक उपक्रम से योगदान का सबसे बड़ा हिस्सा मिला और दो निजी स्रोतों से कुल 777.4 करोड़ रु. नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, केरल स्थित चैरिटेबल संगठन माता अमृतानंदमयी मठ ने स्वच्छ भारत कोष और प्रौद्योगिकी में 100 करोड़ रुपये का योगदान दिया.

द इंडियन एक्सप्रेस द्वारा दायर एक आरटीआई के अनुसार, कंस्ट्रक्शन फर्म और लार्सन एंड टुब्रो ने फंड में 60 करोड़ रुपये का योगदान दिया. अखबार ने बताया कि पीएसयू पावर फाइनेंस कॉर्पोरेशन ने भी 49.24 करोड़ रुपये का योगदान दिया. देश को 2019 तक खुले में शौच मुक्त बनाने के उद्देश्य से 2014 में खुद पीएम मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान शुरू किया था.

हालांकि, विदेशी धन को आकर्षित करने के सरकार के प्रयासों के बावजूद विदेशी स्रोतों से सबसे कम धन प्राप्त हुआ. समाचार पत्र ने बताया कि इस योजना को भारतीय डायस्पोरा से पांच वर्षों में कुल 13 लाख रुपये से अधिक की राशि प्राप्त हुई, जब सरकार ने वित्त मंत्रालय के तहत व्यय विभाग के आंकड़ों के अनुसार, विदेशों से फंडिंग पर प्रोत्साहन प्रदान किया.

इस बीच, सरकार की पहल ने कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के फैंस पर कब्जा कर लिया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अरबपति बिल गेट्स ने 2019 तक भारत को ओडीएफ बनाने की दिशा में अपने काम के लिए सम्मानित किया. वास्तव में, यूनिसेफ के अनुमान के अनुसार, निवेश भारत में स्वच्छता के मामले में बनी सरकार 400% की वापसी कर रही है.

उसी अनुमान के अनुसार, खुले में शौच मुक्त गाँव में प्रत्येक ग्रामीण परिवार को चिकित्सा लागत और समय की बचत से बचाकर 50,000 रुपये की बचत होती है. इस पहल ने लाखों लोगों के लिए रोजगार का सृजन किया है.

जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल और स्वच्छता विभाग के सचिव परमेश्वरन अय्यर ने द इंडियन एक्सप्रेस में लिखा है, “अब यह स्पष्ट है कि स्वच्छता में निवेश वास्तव में व्यापक आर्थिक, स्वास्थ्य और सामाजिक लाभ के लिए एक सुविधा है.”

स्वच्छ भारत अभियान की आवश्यकता

स्वच्छता बहुत महत्वपूर्ण है चाहे वह हमारा घर हो, कार्यस्थल हो या सार्वजनिक स्थान. यह एक सभ्य जीवन शैली की बहुत बुनियादी जरूरतों में से एक है. हमारे राष्ट्र के पिता महात्मा गांधी ने मंत्र दिया “स्वच्छता ही ईश्वर है” और हमारे माननीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी द्वारा प्रेरित स्वच्छ भारत मिशन का शुभारंभ किया. स्वच्छ भारत अभियान में एक लोगो है जो महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देता है.

स्वच्छता और स्वच्छता केवल हमारे व्यक्तिगत सामान या हमारे अपने घरों के लिए नहीं हैं, हमें जहां भी जाते हैं, अपने परिवेश को साफ रखना सुनिश्चित करने की आवश्यकता है. स्वच्छ भारत मिशन पूरे देश में खुले में शौच के उन्मूलन पर केंद्रित है और इसके लिए प्रयास 2 अक्टूबर 2014 से शुरू हो रहे हैं.

स्वच्छ भारत मिशन पर भारत सरकार द्वारा प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार, 10 करोड़ से अधिक शौचालय हैं. देश भर में मिशन के दौरान बनाया गया है. 36 भारतीय राज्यों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया है और इसलिए मिशन ने काफी हद तक एक आम भारतीय व्यक्ति की जीवनशैली में सुधार किया है.

देश के स्वच्छ न होने के कारण

प्रभावशाली पत्रिका “द इकोनॉमिस्ट” ने हाल ही में भारत के पर्यावरण के बारे में एक कहानी को आगे बढ़ाया भारत पृथ्वी पर सबसे अधिक प्रदूषित देशों में से एक क्यों है “द इकोनॉमिक टाइम्स” ने इसके बाद एक कहानी का शीर्षक दिया, “भारत गरीब देशों के मानकों के अनुसार भी खतरनाक रूप से गंदी है”.

हमारी अधिकांश झीलों और नदियों को शहरी और रासायनिक अपशिष्टों के साथ गंभीर रूप से जहर दिया जाता है. अधिकांश शहरों में हवा, विशेष रूप से उत्तर भारत में, प्रदत्त गंभीर स्तर से परे अच्छी तरह से प्रदूषित है.

इन्हें पढ़े बिना भी अब यह स्पष्ट हो गया है कि प्रधान मंत्री द्वारा स्वच्छ भारत अभियान की घोषणा करने के साढ़े चार साल बाद, यह स्पष्ट है कि हम सड़ते कूड़े को साफ नहीं कर सकते, जो हमारी सड़कों पर इतना आम हो गया है देश? पुरुषों को पूरे देश में दीवारों पर या हवा में पेशाब करते देखा जा सकता है.

हमारे कस्बों और शहरों में किसी भी फुटपाथ को ढूंढना लगभग असंभव है, और जब कुछ होते हैं, तो वे कचरे से पट जाते हैं और मूत्र से गीला हो जाते हैं. सरल तर्क बताता है कि हमें बहुत अधिक कचरा डिब्बे और सार्वजनिक शौचालय की आवश्यकता है. लेकिन वह आसान हिस्सा है. उन्हें साफ और उपयोग योग्य रखना अधिक कठिन हिस्सा है.

स्पष्ट रूप से हम असफल हो रहे हैं. हमारे पास कम रिटर्न के साथ उच्च लागत वाली सरकार की एक प्रणाली है. हमें खुद को प्रबंधित करने का एक नया और बेहतर तरीका चाहिए. 4 फरवरी, 1916 को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय का दौरा करते हुए, महात्मा गांधी ने अपने संबोधन में कहा: “मैंने कल शाम विश्वनाथ मंदिर का दौरा किया.

यदि कोई अजनबी ऊपर से इस महान मंदिर में गिरा, तो क्या वह हमारी निंदा करने में उचित नहीं होगा? क्या यह सही है कि हमारे पवित्र मंदिरों की गलियाँ उतनी ही गंदी होनी चाहिए जितनी कि वे हैं? अगर हमारे मंदिर भी स्वच्छता के मॉडल नहीं हैं, तो हमारी सरकार क्या कर सकती है? हम स्वच्छता के प्राथमिक कानूनों को नहीं जानते हैं. हम हर जगह थूकते हैं. परिणाम अवर्णनीय गंदगी है.”

देश को स्वच्छ रखने के उपाय.

30 जनवरी, राष्ट्रीय स्वच्छता दिवस है. मुझे भी नहीं पता था कि हमारे पास एक था! हमारे पास दो, रिकॉर्ड के लिए, दूसरा 2 अक्टूबर को है. इस दिन को महात्मा गांधी की हत्या को चिह्नित करने के लिए शहीद दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, जो पहले पूरे स्वच्छ भारत अवधारणा के साथ शुरू हुआ था.

इसलिए हम सभी ने देशभक्ति उद्धरण पोस्ट किए और गणतंत्र दिवस पर कुछ दिन पहले देश-भक्ति के बारे में भावनात्मक वीडियो साझा किए. सूरज ढलने के तुरंत बाद वह सभी राष्ट्रवाद मर जाता है और हम अपने सामान्य जीवन में वापस लौट आते हैं, जो कि हमारे जीवन के साथ गलत काम कर रहा है, करों से लेकर गंदी गलियों तक. तो क्या हुआ अगर हम स्वयं किसी भी समाधान में योगदान करने के लिए एक ही काम नहीं कर रहे हैं? पालना और शाप देना हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है.

एक गंभीर नोट पर, कुछ सरल चीजें हैं जो हम वास्तव में कर सकते हैं, विशेष रूप से एक स्वच्छ देश के लिए. हम सभी को जीने के लिए एक साफ़-सुथरा देश चाहिए.

  • हमेशा एक छोटा पॉली-बैग कैरी करें:- एक पुनर्नवीनीकरण कागज बैग सिर्फ महान होगा. इसे कचरे के छोटे टुकड़ों में फेंकने के लिए उपयोग करें. हम सभी जानते हैं कि हमारे शहर में डस्टबिन की कमी है. आइए हम पर दोष लगाना और करना शुरू करें.
  • अलग डिब्बे में घर पर कचरे को अलग करें:- बायोडिग्रेडेबल, रिसाइकिल और अन्य. हाँ यह हमें बार-बार बताया गया है, और हम शुरू करते हैं, लेकिन यह जल्द ही खत्म हो जाता है. वहां लागू किया गया.
  • पुरानी बोतलों का फिर से उपयोग करें:- आप पुरानी प्लास्टिक की बोतलों के साथ उन्हें फेंकने के बजाय बहुत सारी रचनात्मक चीजें कर सकते हैं. हमने ऊब पांडा पर कुछ शांत विचारों को देखा.
  • खाद का गड्ढा:- यदि आपके पास हरे रंग का अंगूठा है तो यह सस्ता, उपयोगी और आपका सबसे अच्छा दोस्त है. आप कचरे के लिए अपने सिर को इकट्ठा करने से पहले अपने भोजन के स्क्रैप को इकट्ठा और अलग कर सकते हैं. अपने क्षेत्र में एक खाद संग्रह स्थल ढूंढें और अपने स्क्रैप को वहां साप्ताहिक रूप से ले जाएं या बस अपने पौधों के लिए उपयोग करें.
  • एक सामुदायिक स्वच्छता अभियान में शामिल हों:- हमारा विश्वास करो, जब कुछ लोग आपके साथ कर रहे होते हैं, तो कुछ करना बहुत आसान होता है. आप सामुदायिक स्वच्छता अभियान में शामिल हो सकते हैं (लिंक, शोध डालें)
  • फैब्रिक बैग्स का इस्तेमाल करें:- अपने सब्जी विक्रेता से ज़िलीन के छोटे पॉलीथिन बैग में चीजें प्राप्त करने के बजाय, जब आप खरीदारीकरने जाएं तो अपने कपड़े का बैग ले जाएं. आप स्वीकार करते हैं, एक कपड़े की थैली का अपना आकर्षण है.
  • लाइव क्लीन योरसेल्फ:- अपने घर को साफ सुथरा रखें, नियमित रूप से सफाई करें, स्वस्थ रहें, स्वस्थ रहें, स्वच्छ रहें. उन सभी हैकिंग हैक का उपयोग करने का प्रयास करें जो हमारे ब्लॉग में हैं. खैर ये कुछ टिप्स हैं जिन्हें आप आसानी से फॉलो कर सकते हैं. हम आशा करते हैं कि आप इनमें से कम से कम कुछ अभ्यास करेंगे. सभी ईमानदारी में, हम आशा करते हैं कि हम उनका अनुसरण करें.

स्वच्छ भारत अभियान में शामिल मंत्रालय

  • शहरी विकास मंत्रालय.
  • राज्य सरकार.
  • ग्रामीण विकास मंत्रालय.
  • गौर सरकारी संगठन.
  • पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय.
  • सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम व निगम.

इस प्रकार स्वच्छ भारत अभियान से जुड़ कर ये सभी मंत्रालय अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे है. सभी मंत्रालय अपने अपने स्तर पर स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों को हासिल करने के लिए प्रयासरत है.

स्वच्छ भारत अभियान के लिए चुने गए प्रभावी व्यक्ति

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान के प्रचार-प्रसार के लिए कुछ प्रभावी व्यक्तियों को चुना गया था. जिनका काम अपने – अपने छेत्र में लोगो को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है. उन लोगो के नाम कुछ इस प्रकार है.

  • सचिन तेंदुलकर (क्रिकेटर)
  • महेंद्र सिंह धोनी (क्रिकेटर)
  • विराट कोहली (क्रिकेटर)
  • बाबा रामदेव
  • सलमान खान (अभिनेता)
  • शशि थरूर (संसद के सदस्य)
  • तारक मेहता का उल्टा चस्मा की टीम.
  • मृदुला सिन्हा (लेखिका)
  • कलम हसन (अभिनेता)
  • अनिल अंबानी (उधोगपति)
  • प्रियंका चोपड़ा (अभिनेत्री)
  • ईआर दिलकेश्वर कुमार

स्वच्छ भारत अभियान पर नारे

आज, स्वच्छ भारत अभियान सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है. यह अभियान देश को स्वच्छ बनाने के लिए शुरू किया गया है. स्वच्छ भारत अभियान एक स्वच्छ भारत अभियान है जो सरकार द्वारा पूरे भारत में स्वच्छता के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए चलाया जाता है ताकि इसे विकास की ओर अग्रसर किया जा सके.

यह कई क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करने का अंतिम तरीका है और साथ ही देश की आर्थिक वृद्धि को बढ़ाता है. भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान नामक इस अभियान की शुरुआत की है.

देश से सारी गंदगी हटाने के लिए अनहोनी के खिलाफ रत में बदलाव की यह सबसे बड़ी उम्मीद है. अब, ऐसे कई लोग हैं जिन्होंने जागरूकता और शहर और देश को स्वच्छ बनाने के लिए एक कदम आगे बढ़ाया. प्रत्येक और हर व्यक्ति को अपने घरों और आस-पास को साफ करने की जिम्मेदारी लेनी चाहिए. इस दिशा में प्रयास बहुत तेज मोड में शुरू किए गए हैं. सभी को स्वच्छता के महत्व और प्रभावों के बारे में लोगों में जागरूकता लाने का प्रयास करना चाहिए.

स्वच्छ भारत पर हिंदी में नारे – Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi

  • एक कदम स्वच्छता की और.
  • स्वच्छता, भक्ति से भी बढ़कर है.
  • भारत कर सकता है. भारत के लोग इसे कर सकते हैं.
  • चलो सही विकल्प बनाते हैं और डस्टबिन का उपयोग करते हैं.
  • स्वच्छ भारत सुंदर भारत.
  • धरती माता करे पुकार, आस पस का कर सुधर.
  • स्वच्छ शहर, स्वच्छ शहर, मेरा सपना शहर.
  • यह हमारे ग्रह ने इसे फेंक नहीं दिया है.
  • स्वच्छता के कारण प्रति वर्ष 100 घंटे समर्पित करें.
  • देश की सफाई करना स्वीपरों की एकमात्र जिम्मेदारी नहीं हो सकती. क्या इसमें नागरिकों की कोई भूमिका नहीं है? हमें इस मानसिकता को बदलना होगा.
  • स्वच्छता को एक राजनीतिक उपकरण के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि इसे केवल देशभक्ति और सार्वजनिक स्वास्थ्य के प्रति प्रतिबद्धता से जोड़ा जाना चाहिए.
  • स्वच्छ भारत, विकसित भारत.
  • आइए! और भारत को स्वच्छ रखने का संकल्प लें.
  • स्वच्छ भारत! आर्थिक रूप से विकसित भारत पाने के लिए.
  • स्वच्छ भारत, रोग मुक्त भारत.
  • भारत को स्वच्छ बनाने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास बीमारियों से दूर रहने के लिए स्वच्छता ही एकमात्र उपाय है.
  • स्वच्छ भारत के साथ खुद का प्रतिनिधित्व करें.
  • स्वच्छ रहें और भारत को स्वच्छ रखें.
  • हमारा देश हमारी पहचान है; इसलिए, पहचान को साफ रखें.
  • यदि भारत स्वच्छ होगा, तो यह हरा हो जाएगा.
  • भारत को हमेशा हरा-भरा रखने के लिए स्वच्छ रखें.
  • साफ रहने के लिए उत्सुक रहो.
  • यदि विविधता में एकता है, तो: क्यों नहीं! विविधता के बाद भी भारत में स्वच्छता.
  • पर्यावरण की दृष्टि से स्वच्छ भारत के लिए हरित भारत का समर्थन करें
  • स्वच्छ भारत के लिए अपनी उत्सुकता दिखाने के लिए स्वच्छता का संकल्प लें
  • आओ! भारतीयों ने स्वच्छ भारत का स्वागत करने के लिए अपना समय दिया.
  • आपको भारत में स्वच्छता लाने के लिए स्वच्छ होना चाहिए.
  • भारत को स्वच्छ बनाने के लिए हरित हो जाओ.
  • लडो मत; भारत की सुंदरता को बनाए रखना हमारा कर्तव्य है.
  • समय बर्बाद मत करो; भारत के सौंदर्य को बनाए रखने के लिए अपने कर्तव्य का पालन करें.
  • हालांकि यह एक मुश्किल काम है, इसे हासिल किया जा सकता है और इसके लिए लोगों को अपनी आदतें बदलनी होंगी.
  • अगर हम इसे एक सार्वजनिक आंदोलन बनाते हैं, तो हम अपने देश को सबसे स्वच्छ राष्ट्रों में गिना जा सकता है.

निर्ष्कर्ष – Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi

कुल मिला कर सार यही है कि वर्तमान समय में स्वच्छता हमारे लिए एक बड़ी आवस्यकता है यह समय भारतवर्ष के लिये बदलाव का समय है स्वच्छता सामान रूप से हम सभी की नेतिक जिम्मेदारी है. हर समय कोई सरकरी संस्था या बाहरी बल हमारे पीछे नही लगा रह सकता इस तरह हम कह सकते है कि 2019 तक भारत को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने के लिये स्वच्छ भारत अभियान एक स्वागत योग्य कदम है.

जैसा कि हम सभी ने कहावत में सुना है ‘स्वच्छता भगवान की ओर अगला कदम है. हम विश्वास के साथ कह सकते है कि अगर भारत की जनता द्वारा प्रभावी रुप से इसका अनुसरण किया गया तो आने वाले चंद वर्षों में स्वच्छ भारत अभियान से पूरा देश भगवान का निवास स्थल सा बन जाएगा.

चूँकि स्वच्छता से ईश्वर का गर्मजोशी से स्वागत शुरु हो चुका है तो हमें भी अपने जीवन में स्वच्छता को जारी रख उनको बनाये रखने की आवश्यकता है, एक स्वस्थ्य देश और स्वस्थ्य समाज को जरुरत है कि उसके नागरिक स्वस्थ्य रहें तथा हर व्यवसाय में स्वच्छ हो. और इस नेक कामके लिए हम सबो को मिल कर आगे आना होगा और साथ–साथ काम क्र क इस मिशन को पूरा करना होगा.

अन्य निबंध पढ़े

Dear Students, में आशा करती हूँ की आपको Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi – स्वच्छ भारत पर निबंध को पढ़कर अच्छा लगा होगा. अब आप भी Essay On Swachh Bharat Abhiyan In Hindi के बारे में लिख सकते है और  समझ सकते है. यदि आपको इस Essay से Related कोई भी समस्या है तो आप हमे Comments करके पूछ सकते है.

Share This Post On

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *