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Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi – पंडित जवाहरलाल नेहरु पर निबंध

Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi – पंडित जवाहरलाल नेहरु पर निबंध.

Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi. Dear Student’s, आज के इस निबंध में हम पड़ेगे Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi के बारे में. यानि की पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध, और इस निबन्ध में हम जानेंगे पंडित जवाहरलाल नेहरु कोन थे.

भारत देश के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरु ने अपना कैसे बलिदान दिया. उनका आजादी में क्या योगदान रहा व उनके सम्पूर्ण जीवन का परिचय और संघर्ष के बारे में जानकारी देने जा रहा हु.

Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi – पंडित जवाहरलाल नेहरु पर निबंध.

  • Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi – पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध
  • Introduction Essay On Pandit Jawaharlal Nehru – पंडित जवाहरलाल नेहरु निबंध पर प्रस्तावना.
  • Who Was Pandit Jawaharlal Nehru – पंडित जवाहरलाल नेहरु कोन थे?
  • Pandit Jawaharlal Nehru Childhood And Education – पंडित जवाहरलाल नेहरु का बचपन और शिक्षा.
  • Movement By Pandit Jawaharlal Nehru – पंडित जवाहरलाल नेहरु द्वारा चलाये गए आन्दोलन.
  • Essay On Pandit Jawaharlal Nehru Conclusion In Hindi – पंडित जवाहरलाल नेहरु निबंध पर निर्ष्कर्ष.
  • Precious Thoughts Of Pandit Jawaharlal Nehru – पंडित जवाहरलाल नेहरु के अनमोल विचार.
  • Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi 100 Word – पंडित जवाहरलाल नेहरु पर 100 शब्दों का निबंध हिंदी में.
  • Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi 200 Word – पंडित जवाहरलाल नेहरु पर 200 शब्दों का निबंध हिंदी में.
  • पंडित जवाहरलाल नेहरु पर 300 शब्दों का निबंध हिंदी में – Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi 300 Word
  • Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi 500 Word – पंडित जवाहरलाल नेहरु पर 500 शब्दों का निबंध हिंदी में.

दोस्तों, बच्चे देश का भविष्य होते है, बच्चो के प्रति हर किसी को जागरूक होना चाहिए ताकि एक अच्छे और सुंदर देश का निर्माण कर सके यह सोचना था हमारे देश के सबसे पहले और अच्छे प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु जिन्हें हम नेहरु जी के नाम से भी जानते है. जिन्होंने न सिर्फ एक नए उज्जवल भारत का सपना देखा था बल्कि देश के नोनीहालो, ओरतो और देशवासियों को जागरूक किया.

Introduction Essay On Pandit Jawaharlal Nehru – पंडित जवाहरलाल नेहरु निबंध पर प्रस्तावना.

पंडित जवाहरलाल नेहरु जिन्हें हम चाचा नेहरु के नाम से भी जानते है. नेहरु जी बच्चो के लिए चाचा नेहरू के नाम से भी जाने जाते है. पंडित जवाहरलाल नेहरु का जन्म 14 नबम्बर 1889 को हुआ था. उनका जन्म इलाहाबाद में हुआ था. उनके पिता का नाम मोती लाल नेहरु था उनके पिता एक महान वकील थे. और उनकी माता का नाम स्वरूपरानी था.

15 वर्ष की आयु में वे इंग्लैंड चले गए थे. वहाँ उन्होंने Harrow School में पढाई की. फिर उन्होंने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी ज्वाइन करने के बाद में लॉ की पढाई की और वकील बन गए. उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में अपना अभ्यास शुरू किया.

उन्होंने अपने उत्कर्ष अभ्यास को त्याग दिया और महात्मा गाँधी के अधीन स्वंतंत्रता आन्दोलन में शामिल हो गए उन्हें कई बार जेल भेजा गया. गांधी जी उनके कार्यों से प्रसन्न थे. और उन्हें कांग्रेस पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया. 1947 में जब भारत आजाद हुआ था. तब उन्हें प्रधान मंत्री चुना गया था. वह एक सफल प्रधान मंत्री थे.

पंडित जवाहरलाल नेहरु के नेतृतव मैं भारत प्रगति की ओर बढ़ा अर्थात एक ऊँची छलांग लगाई जिससे भारत अपनी सीमा से आगे बढ़ गया वह एक महान राजनेता बने. उन्होंने कई किताबे भी लिखी है, अपने देश की सेवा के लिए कड़ी से कड़ी मेहनत की है.

पंडित जवाहरलाल नेहरु बच्चो से बहुत प्यार करते थे. और बच्चे भी उन्हें उतना ही प्यार करते थे जितना बो उन्हें करते थे. बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरु कहते थे. वे हमेशा बच्चो की कंपनी को पसंद किया करते थे और आनंद लिया करते करते थे. उनके जन्म दिन को अब बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है.

वह आधुनिक भारत के निर्माणकर्ताओं में से एक थे वे हमेशा अपने कपड़ो में गुलाब लगा के रखते थे वे सुन्दरता, शांति और स्वतंत्रता के सच्चे व महान प्रेमी थे उन्होंने पंचशील के सिधान्तो का प्रचार किया.

Who Was Pandit Jawaharlal Nehru – पंडित जवाहरलाल नेहरु कोन थे?

पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध मैं यानि की Essay on Pandit Jawaharlal Nehru in Hindi के इस निबंध में सबसे पहले हम लिखेंगे कि नेहरू जी कौन थे, श्री पंडित जवाहरलाल नेहरु स्वतंत्रता से पहले और बाद में भारत के पहले प्रधानमंत्री और भारतीय राजनीति के केन्द्रीय व्यक्ति थे.

वह महात्मा गाँधी के संरक्षण में भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन में सर्वोपरि नेता के रूप में उभरे और 1947 से अपनी म्रत्यु तक एक स्वतन्त्र राष्ट्र के रूप में भारत पर शासन किया. उन्हें आधुनिक भारतीय राष्ट्र-राज्य का निर्माता माना जाता है.

मोतीलाल नेहरु के पुत्र एक प्रमुख वकील और राष्ट्रवादी राजनेता और स्वरूप रानी नेहरु ट्रिनिटी कॉलेज, कैंब्रिज और इनर टेम्पल के स्नातक थे. जहां उन्होंने एक बैरिस्टर बनाने के लिए प्रशिक्षण किये. भारत लौटने पर उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में दाखिला लिया और राष्ट्रीय राजनीति मैं रूचि ली जिसने अंततः उनके कानूनी व्यवहार को बदल दिया.

अपनी किशोरावस्था से एक प्रतिबद्ध राष्ट्रवादी व्यक्ति बन गये. 1910 के दशक की उथल पुथल के दौरान भारतीय राजनीति में एक उभरते हुए देशप्रेमी बन गए. वह 1920 के दशक के दौरान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के वामपंथी धड़ों के प्रमुख नेता बने और अततः पूरी कांग्रेस अपने गुरु गाँधी की मौत स्वीकृति के साथ 1929 में कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में नेहरु ने ब्रिटिश राज से पूर्व स्वतंत्रता के लिए आहान किया और कांग्रेस की निर्णायक वामपंथियों को उकसाया.

पंडित जवाहरलाल नेहरु को कांग्रेस ने स्वतंत्र भारत के पहले प्रधान मंत्री के रूप में पद संभालने के लिए चुना था. हाँलाकि नेतृत्व के सवाल को 1941 तक वापस सुलझा लिया गया था. जब गाँधी ने नेहरु को अपने राजनितिक उतराधिकारी के रूप में स्वीकार किया प्रधान मंत्री के रूप में उन्होंने भारत के बारे में अपने द्रष्टिकोण को महसूस किया.

1950 में भारत का संविधान लागू किया गया था. जिसके बाद उन्होंने आर्थिक सामाजिक और राजनितिक सुधारो के एक महत्वाकाक्षी कार्यक्रम की शुरुआत की मुख्य रूप से उन्होंने बहुबचन बहु प्रक्षीय प्रणाली का पोषण करते हुए एक कॉलोनी से की. गणतंत्र तक भारत के संक्रमण का निरीक्षण किया विदेश नीति में उन्होंने दक्षिण एशिया में भारत को क्षेत्रीय विषमता के रूप में पेश करते हुए गुटनिरपेक्ष आन्दोलन में अग्रणी भूमिका निभाई.

पंडित जवाहरलाल नेहरु के नेतृतव में. कांग्रेस एक कैच-आल पार्टी के रूप में उभरी, जो राष्ट्रिय और राज्य स्तर की राजनीती पर हावी थी और 1951, 1957 और 1962 में लगातार चुनाव जीती थी. वह अपने अंतिम वर्षों में राजनीती परेशानियों के बावजूद भारत के लोगों के लिए लोकप्रिय रही. और 1962 के चीन –भारतीय युद्ध के दोरान नेतृतव की विफलता के बाद भारत में उन्हें गुस्से के रूप में देखा जाने लगा.

Pandit Jawaharlal Nehru Childhood And Education – पंडित जवाहरलाल नेहरु का बचपन और शिक्षा.

Essay On Pandit Jawaharlal Nehru मैं अब हम उनकी शिक्षा और उनके बचपन के बारे में लिखेंगे. पंडित जवाहरलाल नेहरु का जन्म 14 नवंबर 1889 को उत्तर प्रदेश के पर्यागराज में हुआ था जिसे हम आज के समय में इलाहाबाद के नाम से जानते है इनका जन्म एक धनि कश्मीरी ब्राह्मण परिवार में हुआ था.

उनके पिता श्री मोतीलाल नेहरु एक प्रशिद्ध वकील और एक प्रभावशाली राजनितिक कार्यकर्ता भी थे. उनके पिता मोतीलाल नेहरु ने घर पर अपने बच्चो की शिक्षा की निगरानी के लिए अंग्रेजी और स्कोटिश शिक्षक नियुक्त किए.

उच्च शिक्षा के लिए नेहरु को हैरो स्कूल में भेजा गया फिर बाद में इंग्लैंड के कैंब्रिज विश्विद्यालय में प्राक्रतिक विज्ञानं में डिग्री प्राप्त करने के लिए लन्दन के इनर टेम्पल में दो शाल बिताने के बाद उन्होंने बेरिस्टर के रूप में योग्यता प्राप्त की.

अपने लन्दन प्रवास के दौरान नेहरु ने साहित्य राजनिति अर्थशास्त्र और इतिहास जैसे विषयों का अध्ययन किया. वह उदारवाद समाजवाद और शास्त्रवाद के विचारो से आकर्षित हुए .1912 में वह भारत लौट आए और इलाहाबाद उच्च न्यायालय वार में शामिल हो गए.

पंडित जवाहरलाल नेहरु चाहते तो वे अपनी शिक्षा वेहतरीन से वेहतरीन स्कूल व विश्विद्यालय में प्राप्त कर सकते थे. परन्तु उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा हेरो और कॉलेज की शिक्षा ट्रिनिटी कॉलेज से पूरी की जो लन्दन था. और उन्होंने अपनी लॉ की डिग्री कैंब्रिज विश्विद्यालय से हासिल की 1912 में नेहरु जी ने हेरो और कैंब्रिज में पढाई कर बार-एट-लॉ की उपाधि ग्रहण की और वे वार में बुलाये गए.

  • 1912 में पंडित जवाहरलाल नेहरु गाँधी जी से प्रभावित होकर कांग्रेस से जुड़े.
  • 1920 में प्रतापगड में हुए पहले किशन मोर्चे को संगठित करने का श्रेय भी पंडित जवाहरलाल नेहरु को जाता है.
  • 1928 में साइमन कमीशन का विरोध करते हुए नेहरु जी घायल हो गए थे.
  • 1930 में नमक आन्दोलन में भागीदार होने के कारण इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था. इस कारण इन्होने 6 महीने जेल में बिताये थे.
  • 1935 में अल्मोड़ा जेल में अपनी आत्म कथा लिखी इन्होने कुल 9 वार जेल यात्राएँ की.
  • पंडित जवाहरलाल नेहरु ने विश्व भ्रमण किया व् एक अन्तराष्ट्रीय नायक के रूप में पहचाने गए.

पंडित जवाहरलाल नेहरु द्वारा चलाये गए आन्दोलन.

किसी भी लीडर के निबन्ध मैं उनके दुवारा चलए गये आंदोलन के बारे में लिखना बहुत जरूरी है ठीख उसी प्रकार हम भी Essay on Pandit Jawaharlal Nehru मैं लिखेंगे. 1930 में नमक सत्याग्रह की शुरुआत के बाद एक संगठित आन्दोलन में किसान आन्दोलन U.P में शुरू हुआ था. पंडित जवाहरलाल नेहरु द्वारा जिसने सविनय अवज्ञा आन्दोलन को व्यापक शक्ति प्रदान की सविनय अवज्ञा आन्दोलन ने दो तरीको से योगदान दिया.

भारत के किसानो के बीच एक जाग्रति पैदा करने और पहली बार नए जीवन में विकसित करने के लिए यह पहली जगह है. नेहरु द्वारा चलाये गए द सेकंड प्लेस द स्ट्रगल में C.D.M को मजबूत किया. जमीदारो, ताल्लुकेदारो, पुलिस और अधिकारियो के सतब उनके सबंधो में यह किसानों को भय मुक्त कर देने वाला यह जागरण था. और अततः जमीदारो और अन्य लोगो द्वारा किशानो के खिलाफ सजाय गए आदेशो में क्रमिक गिरावट के बारे में वताया गया यह आन्दोलन था जिसने जमींदारी प्रथा के उन्मूलन के लिए नींव रखी.

वर्तमान आयतन राजनितिक, सामाजिक आथिक और एतिहासिक ताकतों के लिए ज्ञान का खजाना हाउस के रूप में एक मामूली तरीके से मदद करेगा क्योकि सभी महत्वपूर्ण साहित्य कार्य गतिविधियों से सम्बंधित है. इस पुस्तक में नेहरु द किसान एग्रेशन के दौरान शामिल किया गया है.

पंडित जवाहरलाल नेहरु के अनमोल विचार.

Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi में अगर हम पंडित जवाहरलाल नेहरु के अनमोल विचारो के बारे में न बताये तो आप मन लीजिये की आपका Essay पूरी तरह से अधुरा रह गया है. पंडित जवाहरलाल नेहरु बहुत ही अच्छे विचार धारा के थे. भारत में आज भी लोग पंडित जवाहरलाल नेहरु के विचारो का अनुशरण करते है.

  • जो व्यक्ति अपने स्वय के अधिकांश गुडों की बात करता है वह अक्सर सबसे काम गुडी होता है.
  • हम एक अद्भुत दुनिया में रहते है जो सुन्दरता आकर्षण और रोमांच से भरी है. रोमांच का कोई अंत नही है जो हमारे पास हो सकता है केवल अगर हम उन्हें अपनी आँखों से खोलते है.
  • कार्यवाई तब तक जब तक मैं आश्वस्त हूँ की यह सही कार्यवाई है मुझे संतुष्टि देता है.
  • लोकतंत्र अच्छा है मैं यह कहता हूँ क्योकि अन्य प्रणालियाँ बदतर हैं.
  • यह दावा करने वाले हर आक्रामक राष्ट्र की आदत है की वह रक्षात्मक कार्य कर रहा है.
  • लोगों की कला उनके दिमाग के लिए एक सच्चा दर्पण है.
  • अज्ञानता हमेशा परिवर्तन से डरती है.
  • देश की सेवा में नागरिकता निहित होती है.
  • मैं घर में कही भी हर जगह पूर्व और परिश्रम का एक कतार मिश्रण बन गया हूँ.
  • हमारा मुख्य दोष यह है की हम उन्हें करने की तुलना में चीज़ों के बारे में बात करने के लिए अधिक दिए जाते है.
  • संकट और गतिरोध जब वे होते है तो कम से कम यह लाभ होता है की वे हमें सोचने के लिए मजबूत करते है.
  • जीवन ताश के पत्तो के खेल की तरह है. जिस हाथ को आप निपटा रहे है वह निय्त्त्ववाद है जिस तरह से आप इसे खेलते है वह स्वतंत्र इच्छा है.
  • अच्छी नेतिक स्थिति में होने के लिए कम से कम उतनी ही ट्रेनिंग की आवश्यकता होती है जितनी की अच्छी शारीरिक स्थिति में होने के लिए.
  • तथ्य तथ्य है और आपकी पसंद के आधार पर गायब नही होंगे.
  • एक महान आपदा हमे जीवन की सभी बड़ी चीजों को याद करने और छोटी चीजों को भूलने का प्रतीक है जिसके बारे में हमने बहुत सोचा है.
  • बहुत सतर्क रहने की निति सभी का सबसे बड़ा जोखिम है.

Essay On Pandit Jawaharlal Nehru Conclusion In Hindi – पंडित जवाहरलाल नेहरु निबंध पर निर्ष्कर्ष

दोस्तों किसी भी निबंध में निष्कर्ष लिखना सबसे जरूरी होता है क्योंकि आपका निबंध चेक करने वाला सबसे पहले आपके निबंध का निष्कर्ष ही पड़ता है. तो चलिये हम भी लिख लेते है निष्कर्ष Conclusion essay on Pandit Jawaharlal Nehru.

पंडित जवाहरलाल नेहरु के कार्यकाल में उनके उदेश्य लोकतांत्रिक परम्पराओं को मजबूत करना. राष्ट्र और संविधान के धर्मनिरपेक्ष चरित्र को स्थाई भाव प्रदान कराना और योजनाओ के माध्यम से देश की अर्थव्यवस्था को सुचारू करना था.

जवाहरलाल नेहरु के राजनीतिक जीवन के उतार-चढाव तथा देश के हित में लिए गए निर्णय के फलस्वरूप गर्व से कह सकते है. स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री का पद उन्हें उनकी योग्यता के कारण मिला था.

1929 लाहौर अधिवेशन के बाद नेहरु जी देश के बुद्धिजीवी तथा युवा नेता के रूप में उभरे भारतीय नेता के रूप में उन्होंने भारत के लिए कष्ट सहकर भी अपनी भूमिका निभाई है.

पंडित जवाहरलाल नेहरू सिर्फ राजनेता ही नहीं, बल्कि अच्छे लेखक भी थे. उनकी – ‘ऑटोबायग्राफी, ग्लिनसेज ऑफ वल्र्ड हिस्ट्री, डिस्कवरी ऑफ इण्डिया आदि कृतियां साहित्य कला के गुणों से अलंकृत हैं.

यहाँ तक की उनकी बेटी इंदिरा गाँधी को जेल से समय समय पर लिखे गए उनके पत्र भी काफी रोचक ज्ञानवर्धक और विचार उत्तेजक है. उनका लेखन भारत और भारतीय लोगो के प्रति उनके गहरे प्रेम की सच्ची तस्वीर देता है.

Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi (300 Word) – पंडित जवाहरलाल नेहरु पर निबंध हिंदी में (300 शब्द)

पंडित जवाहरलाल नेहरु का जन्म 4 नवम्बर 1889 को इलाहावाद उत्तर प्रदेश में हुआ था. उनके पिता का नाम पंडित मोतीलाल नेहरु था,जो की एक प्रसिद्ध वकील थे तथा उनकी माँ का नाम स्वरूप्रानी था. जवाहरलाल नेहरु की परवरिश एक राजकुमार की तरह हुई थी.

एक अंग्रेजी ट्यूटर द्वारा घर पर अपनी प्रांभिक शिक्षा के बाद उन्हें उच्च शिक्षा के लिए इंग्लैंड भेजा गया उन्होंने इंग्लैंड से कानून में अपनी डिग्री ली और बेरिस्टर के रूप में भारत लौट अये. जवाहरलाल नेहरु महात्मा गाँधी के साथ भारत की स्वतंत्रता आन्दोलन में शामिल थे. इस आन्दोलन के दौरान उन्हने कई जेल भेजा गया उनका सम्पूर्ण जीवन स्वतंत्रता के लिए भारत की लड़ाई का इतिहास है.

उन्होंने महा सचीव के रूप में कई सालो के लिए कांग्रेस की सेवा की वे एक महान राजनितिक नेता थे. और स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए उन्होंने पांच साल की योजना शुरू कर दी थी. और बहु उदेश्य परियोजनाओ का निर्माण किया था. अंत में 1947 में भारत की स्वतंत्रता के बाद वह भारत के पहले प्रधान मंत्री बने.

पंडित जवाहरलाल नेहरु बच्चो से बहुत प्रेम करते थे. उन्हने बच्चो से बात करना उनके साथ रहना बहुत पसंद था और बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरु कहते थे बच्चो के प्रति उनके इसी प्रेम के कारण हमारे देश में हर साल 14 नवम्बर को उनका जन्म दिन ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है. इसे स्कूल और कॉलेज के छात्रो द्वारा बड़े धूम धाम से मनाया जाता है. तथा कई प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है.

पंडित  जवाहरलाल नेहरु भारत के महानतम नेताओ में से एक थे और भारतीय संकृति के प्रेमी थे. वह पंचशिला के संस्थापक थे जो मानवीय अच्छाई और नेतिक मूल्यों में विश्वास रखता है और जिसमे नेहरु जी ने सुरक्षा और व्यवस्था के सिधान्तो का जवाब दिया. उन्होंने “आत्मकथा” “द डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया” और “गिलम्पस ऑफ़ वर्ल्ड हिस्ट्री” जैसी प्रसिद्रध किताबे लिखी.

27 मई 1964 को पंडित जवाहरलाल नेहरु जी का निधन हो गया. चाचा नेहरु जी की मौत दुनिया के सभी शांतिप्रिय लोगो के लिए एक बड़ा झटका था. राष्ट्र ने अपना एक महान आदमी और महान राष्ट्रवादी खो दिया है जिनका स्थान भरना बहुत कठिन होगा.

Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi (500 Word) – पंडित जवाहरलाल नेहरु पर 500 शब्दों का निबंध हिंदी में.

दोस्तों जब भी हम बात देश के सबसे प्रिय नेता या फिर बच्चों के सबसे प्रिय नेता की करते है. तो सबसे पहले हमारी जवन पर पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम आता है. जिन्होंने अपना पूरा जीवन देश के सेवा में लगाया और देश की आजादी के लिए जोरो लड़ाई लड़ी. गाँधी जी के साथ मिलकर बहुत सारे आंदोलनों में हिस्सा लिया। देश की आजादी के बाद उन्हें देश का प्रथम प्रधानमंत्री चुना गया.

प्रस्तावना (Introduction)

पंडित जवाहरलाल वह नाम है जिससे हर भारतीय बाकिफ है जवाहरलाल नेहरु बच्चो के बीच काफी प्रसिद्ध थे. जिसके कारण बच्चो ने उन्हें चाचा नेहरु कहा करते थे. वह बच्चो से बहुत प्यार करते थे. इसलिए सरकार ने उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में मनाया. जवाहरलाल नेहरु एक महान नेता थे.

पंडित जवाहरलाल नेहरु का जन्म 14 नवम्बर 1989 को इलाहावाद में U.P उनके पिता श्री मोती लाल नेहरु, अपने समय के एक प्रमुख वकील थे. अपने पिता की सम्रद्ध स्थिति के कारण जवाहरलाल को एक राज कुमार की तरह लाया गया और उनकी प्रांभिक शिक्षा घर पर ही हुई.

उनके गुरु ज्यादातर ब्रिटिश थे. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा इंग्लैंड के हेरो और कैंब्रिज से प्राप्त की थी. उनकी प्राचीन और आधुनिक राजनितिक विचारधारा में गहरी रूचि थी जिसने उन्हें एक प्रख्यात इतिहासकार और एक प्रतिष्ठत राजनितिक नेता बनाया हाँलाकि वह इंग्लैंड से कानून की डिग्री लेकर लौटा थे.

भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ते हुए. उन्होंने अपने जीवन का प्रमुख पल जेल में विताया इससे उन्हें काफी लिखने का समय मिला उनकी पुस्तको में विश्व इतिहास की झलक और डिस्कवरी ऑफ़ इंडिया ने उन्हें प्रसिद्ध अंतर्राष्ट्रीय लेखको में नाम दिया है.

दरअसल ,जवाहरलाल नेहरु ही वह व्यक्ति थे, जिन्होंने भारत देश में लोकतंत्र के सफल कामकाज की ठोस नीव रखी उन्होंने ओद्योगीकरण की शुरुआत, बांधो पर काम शुरू करने और नए कालेजों और विश्वविद्यालय को खोलने के द्वारा विकास के लिए ईमानदार प्रयास किए, वह हमारे बांधों को आधुनिक भारत के मंदिर कहते थे.

उन्होंने हर पांच वर्षों के पश्चात स्वतंत्र और निष्पक्ष आम चुनाव सुनिश्चित किए और विधायिका, सरकार की कार्यकारी शाखा और न्यायपालिका को स्वतंत्र रूप से काम करने की पूर्ण स्वतंत्रता दी वह स्वतंत्र प्रेम के रास्ते में कभी नही आए.

भारत नेहरु के प्रधान मंत्री जहाज के दौरान पूरी दुनिया के लिए एक फोकस बन गया यह शांति और नेतृत्व की रक्षा के लिए हमारी और देखने लगा पंडित जवाहरलाल नेहरु ने कई एशियाई और अफ़्रीकी देशो की स्वतंत्रता के लिए अपनी पूरी आवाज उठाई.

वह गुटनिरपेक्ष आंदोलन के जनक थे और ‘पंचशील’ के संदेश का प्रसार करते थे। विश्व के मुद्दों पर भारत के विचारों को संयुक्त राष्ट्र में वजन के कारण दिया गया था।

देश के बच्चे इस महान व्यक्ति को बेहद प्रिय थे। उन्होंने उनमें अपने देश का वास्तविक भविष्य देखा। उन्हें यह देखकर बहुत दुख हुआ कि उनमें से कई सुविधाओं से वंचित थे, जो विकास और विकास के लिए आवश्यक थे.

बच्चे भी नेहरू को दिल से प्यार करते थे। उन्होंने उसे ‘चाचा नेहरू’ कहा। उनका जन्मदिन 14 नवंबर को ‘बाल दिवस’ के रूप में मनाया जाता है.

नेहरु आधुनिक सोच के व्यक्ति थे, वह हमेशा भारत को अधिक आधुनिक और सभ्य देश बनाना चाहते थे, गाँधी और नेहरु की सोच में अंतर थ. गाँधी और नेहरु का सभ्यता के प्रति अलग अलग नजरिया था जबकि गाँधी जी एक प्राचीन भारत चाहते थे नेहरु आधुनिक भारत के थे वह हमेशा से चाहते थे की भारत आगे की दिशा में जाए भारत  में सांस्कृतिक और धार्मिक मतभेदों के बाबजूद.

हाँलाकि देश में धार्मिक स्वतंत्रता का दबाव था उस समय देश को एकजुट करना मुख्य मकसद था सभी दवाबो के साथ जवाहरलाल नेहरु ने वैज्ञानिक और आधुनिक प्रयासों में देश का नेतृत्व किया.

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है की जवाहर नेहरु के पास एक बड़ी उपलब्धी थी उन्होंने प्राचीन हिन्दू सांस्कृतिक को बदल दिया इसने हिन्दू विधवाओ की बहुत मदद की वदलाव ने महिलाओ को पुरशो की तरह समान अधिकार दिए थे उत्तेराधिकार और संपति का अधिकार.

उपसंहार (Conclusion):-

पंडित जवाहरलाल नेहरु ने एक बार ठीक ही कहा था. एक देश हमेशा अपने व्यव्हार और अपने जानवरों को सँभालने के तरीके से जाना जाता है. राष्ट्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले जानवरों की भूमिका को दर्शाता है और यह कई मामलों में तालिकाओ को वद्लते हुए आर्थिक महत्व है.

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प्रिय छात्रों, मैं आशा करती हूँ की आपको Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi – पंडित जवाहरलाल नेहरू पर निबंध को पढ़कर अच्छा लगा होगा. अब आप भी Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi के बारे में लिख सकते है और लोगो को समझा सकते है. यदि आपको इस Essay On Pandit Jawaharlal Nehru In Hindi से related कोई भी समस्या है तो आप हमें comment करके पूछ सकते है.

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