Recent Post
 

Biography On Sarojini Naidu In Hindi – सरोजिनी नायडू का जीवन परिचय

Biography On Sarojini Naidu In Hindi - सरोजिनी नायडू का जीवन परिचय

Biography On Sarojini Naidu In Hindi – सरोजिनी नायडू का जीवन परिचय. मेरे प्रिय दोस्तों, आज के इस जीवन परिचय में हम बात करेगे एक महान लेडिस के जीवन परिचय के बारे में Biography On Sarojini Naidu In Hindi यानि की सरोजिनी नायडू की जीवनी के बारे में. और पढेगे सरोजिनी नायडू कोन थी.

सरोजिनी नायडू ने कितने महान काम किये है. सरोजिनी नायडू का जन्म कब और कहा हुआ था. और ऐसा क्या किया सरोजिनी नायडू ने जो उनका नाम पुरे भारत में है. और दुनिया के महान व्यक्तियों में अपना नाम दर्ज कराया.

अगर आप लोग सरोजिनी नायडू के बारे में अच्छी तरह से जानना चाहते है तो आप बिलकुल सही वेबसाइट पे है. आप इस सरोजिनी नायडू के जीवन परिचय को अंत तक पड़ते रहे वो भी अपनी मात्र भाषा हिंदी में.

Biography On Sarojini Naidu In Hindi – सरोजिनी नायडू का जीवन परिचय.

सरोजिनी नायडू के पुरे जीवन को निम्र बिन्दुओ में दर्शाया गया है.

  • सरोजिनी नायडू कोन थी और उनका जन्म कब और कहा हुआ था?
  • सरोजिनी नायडू का जीवन परिचय – Biography On Hindi Sarojini Naidu In
  • Hindi.
  • सरोजिनी नायडू का प्रारम्भिक जीवन.
  • सरोजिनी नायडू के विचार.
  • सरोजिनी नायडू का बचपन और शिक्षा.
  • सम्मान और पुरुस्कार.
  • सरोजिनी नायडू का विवाह कब हुआ था और किस्से हुआ था.
  • सरोजिनी नायडू का राजनितिक जीवन और स्वंत्रता संग्राम में भूमिका.
  • राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष और राजपाल के रूप में सरोजिनी नायडू.
  • सरोजनी नायडू का सहियित्क योगदान.
  • सरोजिनी नायडू की म्रत्यु कब हुई थी.
  • सरोजिनी नायडू का संक्षिप्त जीवन परिचय – Biography On Sarojini Naidu In Hindi

दोस्तों अगर आप भारत में रहते है. तो आपने अपनी पूरी जिन्दगी में सरोजिनी नायडू का नाम जरुर सुना होगा और आज हम इस आर्टिकल में सरोजिनी नायडू का जीवन परिचय पड़ेगे. सरोजिनी नायडू भारत की उन महान महिलाओ की लिस्ट में उनका नाम सबसे पहले आता है. और सरोजनी नायडू में अपने देश को गुलामी से आजाद करने में योगदान दिया.

में आपको बता दू की सरोजिनी नायडू एक अच्छी भारत की महान सेनानी थी और वल्कि बो एक फेमिनिस्ट कवियत्री थी और अपने जमाने की महान व्रित्टर थी. जो उनकी कविता सुनता था बो उनका दीवाना हो जाता था.

इसके अलावा वे भारत की नेशनल कांग्रेस  की पहली प्रेसिडेंट बनी थी. और साथ ही साथ वह भारत के उत्तरप्रदेश की राज्यपाल बना दिया गया था. और सरोजिनी नायडू भारत की पहली महिला थी. जिसने भारत के स्वतंत्रता आन्दोलन में पूरा योगदान दिया था.

सरोजिनी नायडू कोन थी और उनका जन्म कब और कहा हुआ था?

सरोजिनी नायडू जिन्हें हम कोकिला के नाम से भी जानते है. और सरोजिनी नायडू का जन्म सन 1879 को 13 फरवरी को हेदराबाद के एक छोटे से बंगाली हिन्दू परिवार में हुआ था. और पिता का नाम श्री अघोरनाथ था. और उनकी माता का नाम बरदा सुन्दरी देवी था. और उनके माता पिता का घर विक्रम पुर में था, जो अभी बांग्लादेश में आता है.

आपको बता दू की उनकी माता बरदा सुन्दरी जी भी एक कवित्री थी. और वह अपनी कविता को बंगाली में लिखा करती थी. व उनके पिता एक बेज्ञानिक शिक्षाशास्त्री. शिक्षक और डॉक्टर थे. व उनके पिता जी ने निज़ाम कॉलेज की स्थापना की थी. जो की इस समय हेदराबाद में है.

सरोजिनी नायडू के पुरे परिवार में उनके माता पिता के अलावा उनके 8 भाई बहन थे. जिनमे वह सबसे बड़ी थी. व इनके 8 भाई बहनों में से एक भाई वीरेन्द्रनाथ चटोपाध्याय थे. जो एक क्रन्तिकारी थे. जिनकी वर्लिन कमेटी में अहम भूमिका रही. व सन 1937 में वह एक अंग्रेज के द्वारा मारे गए थे.

सरोजिनी नायडू का प्रारम्भिक जीवन – Biography On Sarojini Naidu In Hindi 

सरोजिनी नायडू का जन्म सन 1879 में 13 फरवरी को हुआ था. और उनका जन्म हैदराबाद में हुआ था. जो की आंध्र प्रदेश में आता है. सरोजिनी नायडू के पिता का नाम अधोरनाथ चटोपाध्याय था. वो हैदराबाद के जाने मने बेज्ञानिक थे. और उनकी माता का नाम बरद सुन्दरी देवी था.

जैसा की आपने उपर पढ़ा की सरोजिनी नायडू एक कवित्री थी. ठीक उसी तरह उनकी माँ भी एक कवित्री थी. और वह अपनी कविताओ को बंगाली भाषा में लिखती थी. और सरोजिनी नायडू पुरे परिवार में 8 भाई बहन थे. उनका एक भाई था. सरोजिनी नायडू के सबसे जादा पास रहते थे. उनका नाम हरीन्द्रनाथ चटोपाध्याय था. जो की हैदराबाद के जाने पहचाने कलाकार थे.

और उनकी एक बहन भी थी जिसका नाम सुनालिनी था. और उनकी बहन एक अच्छी डांसर थी. जो की सरोजिनी को देख के बहुत अच्छा लगता था. की मेरी बहन एक डांसर है.

सरोजिनी नायडू के विचार – Biography On Sarojini Naidu In Hindi 

अब हम पड़ेगे की सरोजिनी नायडू के बिचारो के बारे में. की ये अपने देश के लिए क्या क्या सोचती थी. और अपने परिवार के बारे में क्या सोचती थी. तो अब हम ये ही बात करेगे की सरोजिनी नायडू के कुछ अछे बिचारो के बारे में जानेगे तो चलिए जानते है. सरोजिनी नायडू के अच्छे बिचार बो भी अपनी मात्र भाषा हिंदी में.

  • किसी को भी फायदे के लिए एक और फरिस्ते की आवाज़ की आवश्यकता होती है.
  • मेरे पति बहुत व्यस्त है. कुछ समय के लिए उनके जाने की बात धीमी हो गई थी लेकिन अभी फिर उसे सामने आने के लिए एक कदम लगता है.
  • जब उत्पीड़न होता है. तो केवल आत्म सम्मान की बात उठती है.और कहते है की यह खत्म हो जायेगा क्योकि मेरा अधिकार न्याय है.
  • यदि आप मजबूत है. तो अपको कमजोर लड़के या लड़की को खेलने और काम करने में इनकी मदद करनी होगी।
  • और हम अपनी बीमारी से भारत को साफ करने से पहले पुरषों की एक नई नस्ल चाहते है.
  • एक देश की महानता वलिदान और प्रेम उस देश के आदर्शो पर निहित करता है.

सरोजिनी नायडू का बचपन और शिक्षा.

अब हम पड़ेगे की सरोजिनी नायडू का बचपन और शिक्षा के बारे में जानेगे की सरोजिनी नायडू ने बचपन में क्या क्या किया था. इन्होने शिक्षा की लाइफ कैसे चली तो अब हम इनके शिक्षा के बारे में जानने की कोसिस करते है तो चलिए जानते है की सरोजिनी का बचपन कैसे गुजरा और इनकी शिक्षा के बारे में.

सरोजिनी नायडू ने अपनी छोटी सी उम्र में मेट्रिक की परीक्षा पास कर ली थी. जब उन्होंने मेट्रिक की परीक्षा पास की तब वह 12 वर्ष की थी. फिर वह जब 16 वर्ष की हो गयी थी तो वह अपनी पढाई पूरी करने के लिए इंग्लैंड चली गयी. उन्होंने ने अपनी पूरी पढ़ी इंग्लैंड में की थी.

सरोजिनी नायडू जब 15 वर्ष की थी तो उनकी मुलाकात एक अजनबी से हुई थी. जिसका नाम डॉ गोविंदराजुलू नायडू  था. और डॉ गोविंदराजुलू नायडूएक ब्राह्मण परिवार से ब्लॉग करते थे. और पैसे से वह एक डॉक्टर थे. और  फिर ऐसे ही ऐसे उन दोनों में बहुत प्रेम हो गया.

सम्मान और पुरुस्कार.

सरोजिनी नायडू का विवाह कब हुआ था और किस्से हुआ था.

सरोजिनी नायडू जब इंग्लैंड में अपनी पढाई कर रही थी आपको बड़ा दू की जब वह इंग्लैंड फिजिशयन की पढाई करने गयी थी. और फिर उनकी मुलाकात डॉ मोती गोविंदराजुलू नायडू से हुई थी. तो उसी दौरान सरोजिनी नायडू को डॉ मोती गोविंदराजुलू नायडू से प्रेम हो गया था.

फिर जब वह इंग्लैंड से अपनी पूरी पढाई करके लौटी तो फिर उन्होंने अपने परिवार वालो को बताया डॉ मोती गोविंदराजुलू नायडू के बारे में तो उनके परिवार वाले मान गए और फिर 19 साल की उर्म में सरोजिनी नायडू और डॉ मोती गोविंदराजुलू नायडू की शादी हो गयी थी.

सन 1898 में सरोजिनी नायडू की शादी ब्राह्मण मेरिज एक्ट 1872 के तहत मद्राश में हुई थी। और सरोजिनी नायडू ने अपनी शादी इंटर कास्ट से की थी. इसका मतलब ये हुआ की उन्होंने अपनी कास्ट से शादी न करके अलग और दूसरी कास्ट से की थी.

डॉ मोती गोविंदराजुलू नायडू एक ब्राह्मण थे. और उस समय दूसरी कास्ट से शादी करना एक बहुत बड़ा गुना था. और अगर कोई इंटर कास्ट से शादी करता है. तो उसे कोई इज्जत नही देता.

सरोजिनी नायडू की शादी के कुछ दिनों बाद उन्हें चार बच्चे हुए थे. जिनके नाम कुछ इस तरह है. जयसूर्या, पदमजा, रणधीर, और लिलाम्ह्नी हुए थे. और आपको बता दे की सरोजिनी नायडू की बेटी भी अपनी माँ की तरह एक कवित्री बनी थी. और साथ ही साथ वह राजनितिक में भी आ गयी थी. और फिर वह 1961  में पश्चिम बंगाल की गवर्नर बनी.

सरोजिनी नायडू का राजनितिक जीवन और स्वंत्रता संग्राम में भूमिका.

सरोजिनी नायडू बाकि सारी महिलाओ से अलग थी. वह हमेशा कुछ न कुछ करने का जज्बा दिल में रखती थी. इसलिए उन्होंने अपनी शादी के बाद भी कविता लिखना नही छोड़ा और वह अपनी शादी के बाद भी कविताये लिखती रही और फिर उनकी द्वारा लिखी गयी कविता की बढोतरी होती गयी. और लोग उनकी कविता को बहुत पसंद करने लगे थे. और वह पहले से ही उहे कविता लिखने का सोक था. और वह कविता लिखने में माहिर थी.

सरोजिनी नायडू की कविताओ को लोग बहुत जादा पसंद करने लगे थे. और लोग उनकी कविता को एक गाने के रूप में गाते थे. सन 1905 में उनकी एक कविता बहुत जादा famous हुई थी. जिसके बाद सरोजिनी नायडू को और कविता लिखने का मन करता था. और फिर उनकी कविता एक के बाद के एक famous होती गयी. और फिर ऐसे ही ऐसे उन्होंने लोगो के दिल में अपनी जगह बना ली थी.

इसी के साथ साथ सरोजिनी नायडू की मुलाकात भारत के सबसे महान स्वंत्रता से हुई थी. जिनका नाम गोपाल कृष्ण गोखले था. उनकी गोपाल कृष्ण गोखले से मुलाकात होने के बाद उनकी जिंदगी में बहुत बदलाव आ गया था. फिर गोपाल कृष्ण गोखले ने उन से बोला की अपनी कलम से आजादी की लड़ाई को दिखने के लिए किया था.

राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष और राजपाल के रूप में सरोजिनी नायडू.

सरोजनी नायडू का सहियित्क योगदान.

सरोजिनी नायडू एक अच्छी देश भक्त थी. उन्होंने पुरे देश में भ्रमण किया और स्वंत्रता के लिए सब के दिलो में क्रांति की लहर जगाई थी. 1905 में बंगाल बिभाजन में उन्होने एक अच्छी भूमिका निभाई थी. और उन्होंने जो महिला घर में बैठी होती है. उनके दिलो में क्रांति प्रकट की थी.

1916 में सरोजिनी नायडू की मुलाकात गाँधी जी से हुई थी. सरोजिनी नायडू के अच्छे विचारो से गाँधी जी बहुत प्रभावित हुए और गाँधी जी ने सरोजिनी नायडू की पूरी सोच बदल दी थी. और आपकी जानकारी के लिए बता दे की भारत छोडो आन्दोलन में समर्थन करने के लिए उन्होंने पुरे 21 दिन की जेल काटी थी.

सरोजिनी नायडू का संक्षिप्त जीवन परिचय – Biography On Sarojini Naidu In Hindi

क्रम संख्या  बिंदु परिचय
1 नाम सरोजिनी नायडू
2 जन्म 1879 को 13 फरवरी (विक्रम पुर – जो अभी बांग्लादेश में आता है)
3 मृत्यु 1949 में 2 मार्च लखनऊ
4 पिता का नाम अघोरनाथ
5 माता का नाम बरदा सुन्दरी देवी
6 राष्ट्रीयता,  धर्म भारतीय , हिन्दू
7 विवाह डॉ गोविन्द राजुलू नायडू (1897)
8 बेटे-बेटी पद्मजा, रणधीर, लिलामानी, निलावर, जयसूर्या नायडू
9 कार्य कवित्री
10 देश में प्रशिद्धी कोकिला नायडू

सरोजिनी नायडू की म्रत्यु कब हुई थी.

सन 1947 में जब भारत को गुलामी से आज़ादी मिलने के बाद सरोजिनी नायडू को उत्तर प्रदेश की गवर्नर बना दिया था. वह पहली एक ऐसी महिला थी. जी भारत की गवर्नर बनी. सन 1949 में 2 मार्च को सरोजिनी नायडू ऑफिस में काम करते करते उन्हें हार्ट अटैक और ऊनि उसी ऑफिस में मौत हो गयी. सरोजिनी नायडू भारत की जितनी भी महिला है उनके लिए आदर्श का प्रतीक है.

अन्य सम्बंधित जीवन परिचय

प्रिय छात्रो, में आशा करती हु की आपको Biography On Sarojini Naidu In Hindi – सरोजिनी नायडू का जीवन परिचय को पढ़कर अगर अच्छा लगा होगा. अब आप भी Biography On Sarojini Naidu In Hindi के बारे में लिख सकते है. और लोगो को समझा सकते है. यदि आपको इस Biography On Sarojini Naidu In Hindi से related कोई समस्या है. तो आप हमे कोम्मेंट्स करके पूछ सकते है.

Share This Post On

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *