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Biography Of Narendra Modi In Hindi – नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय

Biography Of Narendra Modi In Hindi - नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय

Biography Of Narendra Modi In Hindi – नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय

Biography Of Narendra Modi In Hindi. मेरे प्रिय दोस्तों, आज की इस पोस्ट मैं हम बात करेगें Biography Of Narendra Modi In Hindi यानि कि नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय के बारे मैं। मतलब नरेंद्र मोदी का जन्म कब और कहाँ हुआ। किस तरह से नरेंद्र मोदी ने राजनीति में भाग लिया.

आज के समय के सबसे प्रसिद्ध नेता नरेंद्र मोदी कैसे इतने बड़े नेता बने. किस तरह नरेंद्र मोदी ने बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी ) को join किया. अगर आप सभी लोगो इन्ही सवालों का उत्तर खोज रहे है तो आप बिलकुल सही जगह पढ़ रहे है क्योंकि में आज आप लोगो को Biography of Narendra Modi In Hindi में नरेंद्र मोदी के जीवन के बारे में बताने वाला हूँ.

Biography Of Narendra Modi In Hindi – नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय

नरेंद्र मोदी का पूरा जीवन परिचय इन बिंदुओं में दर्शाया जाएगा

  • Who Is Narendra Modi – नरेंद्र मोदी कौन है.
  • नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय – Biography of Narendra Modi In Hindi
  • नरेंद्र मोदी का निजी जीवन
  • राजनीती शुरआत कैसे हुयी 
  • नरेंद्र मोदी का गुजरात का राजनीती सफर
  • आतंकवाद वाद पर मोदी की चोट 
  • मोदी जी पर विवाद और आलोचनाएं 
  • 2014 का लोकसभा चुनाव का सफर 
  • प्रधानमंत्री के रूप में कार्य 
  • विदेश में नरेंद्र मोदी का सम्मान (वैश्विक छवि )
  • मोदी को सम्मान एवं पुरुषकार 
  • नरेंद्र मोदी द्वारा लिए गए देश हित मैं कुछ महत्वपूर्ण फैसले 

नरेंद्र मोदी एक ऐसा भारीतय नाम जिसने गुजरात के एक छोटे से गांव में जन्म लिया और पूरे देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में अपने नाम, काम और ईमानदारी से एक पहचान बनायी। भारत में आज चुनाव के रण मैं सिर्फ उनका ही नाम गूँजता है. भाजपा की तरफ से अगर कोई नेता है जो हमेशा लोकसभा चुनाव के महाभारत युद्ध कोई जीत सकता है तो वो सिर्फ नरेंद्र मोदी ही है.

नरेंद्र मोदी राजनीती मैं बीजेपी के लिए कभी अभिमन्यु तो कभी अर्जुन का किरदार निभाते है. आज विश्व का बच्चा बच्चा नरेंद्र मोदी का नाम जनता है. उनको उनके काम और ईमानदारी के लिए जाना जाता है. जिसने भारत के सभी राजनितिक दलों के एक साथ गठबन्धन होने के बाद भी उन्हें बहुत बुरी तरह से हराया था. 

देश के सभी व्यक्तियों को एक नजर से देखने वाले नरेंद्र मोदी को आज पूरे विश्व में आदर और सम्मान दिया जाता है. आज सभी लोग उनके बारे में हर छोटी छोटी बात जानना चाहते है. उनके बताये हुए मार्ग पर चलना चाहते है. कितनी भी बड़ी समस्या क्यों न हो वो देश को उस समस्या से बड़े ही आसानी से बहार निकाल लेते है. इसीलिए आज उनके चाहने वाले पूरे विश्व मैं है. 

नरेंद्र मोदी कौन है – Biography of Narendra Modi In Hindi

नरेंद्र दामोदरदास मोदी 26 मई 2014 से लगातार अब तक प्रधानमंत्री बने हुए है. दोस्तों नरेंद्र मोदी के बारे में एक बहुत खाश बात है की मोदी जी आजाद भारत में जन्मे भारत के पहले प्रधानमंत्री है. इससे पहले वे 7 अक्तूबर 2001 से 22 मई 2014 तक गुजरात के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मोदी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सदस्य हैं।

उनका जन्म 17 सितम्बर 1950 को गुजात के बड़नगर शहर में हुआ था. मोदी जी को आज राजनीती का सबसे बड़ा बादशाह मन जाता है. लोग उनके नाम पर हमारे देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में बोट मानते है. फिर चाहे वो अमेरिका हो चाहे इजराहल जैसा देश. मोदी जी को राजनीती का बादशाह इसलिए भी कहा जाता है. क्योंकि वो कभी भी राजनीती का कोई भी चुनाव नहीं हारे।

मोदी जी जब भी चुनाव मैं किसी सीट पर स्वं खड़े होते है तो उन्हें कोई हरा नहीं पता है. उनकी जीत निश्चित और एक तरफा होती है. मोदी जी के पिता का नाम दामोदरदास मोदी है जोकि गुजरात के एक रेलवेस्टेशन पर चाय बेचा करते थे. उनकी माता का नाम हीराबेन है.

नरेंद्र मोदी छः भाई बहन है जिनका नाम क्रमशा शोबाभाई मोदी, अमृत मोदी, नरेंद्र मोदी, प्रह्लाद मोदी, पंकज मोदी और वासंती है. इनकी पत्नी का नाम जशोदाबेन नरेंद्र मोदी है। मोदी जी ने देश की सेवा के लिए अपने पत्नी से माफी मांग कर उनसे दूरी बना ली और आज उनकी पत्नी उनके साथ नहीं रहती है.

मोदी जी की कोई भी संतान नहीं है परन्तु कुछ लोगो का कहना है की उन्होंने 12 वर्ष पूर्व उन्हें एक सड़क पर लावारिश लड़का मिला जिसे उन्हेंने गोद लेने निर्णय किया है जिसका नाम उन्होंने जीत बहादुर रखा है. आज वह अहमदाबाद बाद में BBA की पढ़ाई कर रहा है. जिसकी पढ़ाई का पूरा खर्चा मोदी जी उड़ाते है. परन्तु उनकी कोई अपनी संतान नहीं है वो सभी देशवासियो को ही अपनी संतान मानते है। 

Biography of Narendra Modi In Hindi – नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय

वडनगर गुजरात के छोटे से शहर में पैदा हुए मोदी जिनका पूरा नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी है. मोदी जी बचपन में अपनी पिता के साथ एक रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे. इन्हे छोटी सी उम्र से ही अपने देश बहुत लगाव था. वह बचपन में ही RSS से जुड़ गए थे. ये बचपन में ज़्यदा पढ़ नहीं पाए और स्नातक की पढ़ाई ख़तम होते ही इन्होने ने अपना घर छोड़ दिया था। इसके बाद मोदी जी ने पूरे देश की यात्रा की जिसमे उनके प्रमुख धार्मिक स्थल भी है. 

उन्हें 1971 मैं आरएसएस का पूर्वकालिक कार्यकर्त्ता बनाया गया. 1985 में वह बीजेपी से जुड़े और 2001 तक उन्होंने बीजेपी के बताये हुए कई छोटे पदों पर कार्य भी किया. इसके बाद मोदी जो को भाजपा का सचिव भी चुना गया। 2001 में जब गुजरात में भूकंप आया तभी वह के मुख्यामंत्री की हालत ख़राब हो गयी और उनका पद संभालने के लिए नरेंद्र मोदी को चुना गया.

2002 में जब गुजरात में दंगे हुए वह उन्होंने अपने कड़क शाशन और नेतृत्व से गुजरात को सम्भाला। इस दौरान उनकी हुयी और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पंहुचा बाद में उन्हें निर्दोष पाया गया. मुख्यमंत्री पद के इस निर्णय के लिए उन्हें प्रोत्साहन दिया गया.

नरेंद्र मोदी के द्वारा किये गए अच्छे कार्यों की वजह से उन्हें 2002 से 2014 तक लगातार चार बार गुजरात का मुख्यमंत्री चुना गया। आज नरेन्द्र मोदी विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं और वर्तमान समय में देश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में से एक हैं. उन्हें राजनीती का महाबली और रावडी मोदी कहा जाता है. क्योंकि उनके देश और देशवासियों के प्रति अच्छे कार्य ही उन्हें हमेशा विजय दिलाते है. 

मोदी जी के अगुआई में भारतीय जनता पार्टी ने 2014 में लोकसभा चुनाव लड़ा जिसमे उन्हें 282 सीटों पर विजय प्राप्त हुयी. उन्होंने उत्तर प्रदेश की वाराणसी और गुजरात की बड़ोदरा संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और दोनों सीटों पर विजय प्राप्त हुयी. मोदी जी की सरकार ने ही योजना आयोग को हटाकर नीति आयोग का गठन किया। उनकी 2014 की इस धमाकेदार जीत के बाद सभी विपक्षी राजनितिक दलों ने एक साथ मिलकर उन्हें लोकसभा चुनाव में हराने की नाकाम कोशिश की. 

इसके बाद वर्ष 2019 में भारतीय जनता पार्टी ने उनके नेतृत्त्व में दोबारा चुनाव लड़ा और इस बार पहले से भी ज्यादा बड़ी जीत हासिल हुई। पार्टी ने कुल 303 सीटों पर जीत हासिल की। भाजपा के समर्थक दलों यानी एनडीए को कुल 352 सीटें प्राप्त हुईं। 30 मई 2019 को शपथ ग्रहण कर नरेंद्र मोदी लगातार दूसरी बार प्रधानमंत्री बने।

नरेंद्र मोदी का निजी जीवन – Biography of Narendra Modi In Hindi

मोदी जी जन्म 17 सितम्बर 1950 को गुजरात के महसेना जिले के वडनगर गॉंव में एक बहुत छोटे गरीब परिवार में हुआ था. ये अपनी पिता के छः सन्तानो में से तीसरे संतान है. इनके पिता का नाम दामोदरदास मोदी और माता का नाम हीराबेन है. मोदी एक तेली जाती के व्यक्ति है जिसे भारत के पिछड़े समुदाय में रखा जाता है. वह शुद्ध शाकाहारी और आरएसएस के कार्यकर्त्ता है. जहां से उनमें हिन्दू धर्म ओर संस्कृति का ज्ञान हुआ.

भारत और पाकिस्तान के बीच जब दूसरा युद्ध हुआ तो तब यदि जी अपने रेलवे स्टेशन पर आने जाने वाले सभी फौजियों की सेवा किया करते थे वही से उनमे देश के जवानो के प्रति एकसवेदन शीलता जाग्रत हुयी। उन्होंने अखिल भारतीय विधार्थी परिषद् के साथ मिलकर भारत के नव निर्माण आंदोलन में हिस्सा लिया था. उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा वडनगर में पूरी की। आरएसएस के साथ काम करते हुये 1980 में गुजरात विश्विधायलय से राजनीतक विज्ञान में  स्नातकोत्तर परीक्षा दी और एम॰एससी॰ की डिग्री प्राप्त की.

नरेंद्र मोदी बचपन मैं अपने पिता के साथ रेलवे स्टेशन पर उनकी चाय बेचने मैं मदद किया करते थे. वडनगर के एक शिक्षक के अनुसार नरेंद्र मोदी को बचपन से ही वाद विवाद और राजनीती की नई नई परियोजनाओ में वेहद रूचि थी. 13 वर्ष की अल्प आयु में ही मोदी जी की सगाई जसोदा बेन चमनलाल के साथ कर दी गयी और जब उनका विवाह हुआ तब वह मात्र 17 वर्ष के थे.

कुछ लेखकों के अनुसार वे शादी के बाद अपनी पत्नी के साथ कुछ दिन तक रहे बाद में उन्होंने अपनी पत्नी से देश की सेवा के लिए उनसे अलग रहने की इच्छा जाहिर की और उनसे अलग हो गए। परन्तु नरेंद्र मोदी के जीवनी लेखकों का कहना है की “उन दोनों की शादी जरूर हुई परन्तु वे दोनों एक साथ कभी नहीं रहे। शादी के कुछ बरसों बाद नरेन्द्र मोदी ने देश सेवा के लिए घर त्याग दिया और एक प्रकार से उनका वैवाहिक जीवन लगभग समाप्त-सा ही हो गया”. 

चार विधान सभा चुनावों से पहले नरेंद्र मोदी ने अपनी शादी को लेकर कभी बात नहीं की. बाद में उन्होंने इस मामले को सभी के सामने रखा और बताया की अपनी शादी सुदा जीवन के बारे में किसी को न बताना कोई पाप नहीं है. और उन्होंने ये भी कहा की शादीशुदा आदमी मुकाबले में एक अविवाहित व्यक्ति भ्रष्टारचार के खिलाफ ज्यादा अच्छी तरह से लड़ सकता है क्योंकि फिर उसे अपनी पत्नी ओर बच्चों की कोई चिंता नहीं होती है। 

राजनीती शुरआत कैसे हुयी – नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय

मोदी जी जब 8 वर्ष के थे तभी से वह नियमित रूप से आरएसएस की शाखा में जाया करते थे. और आरएसएस के सभी लोग अपने कार्य और नियम के प्रति प्रतिबद्ध होते है. और उन्होंने अपने जीवन के शुरुआत में ही राजनीती दिखाई। सबसे पहले उन्हें आरएसएस का पूरवकालिक कार्यकर्त्ता बनाया गया. उसके बाद उन्होंने अखिल भारतीय विधार्थी परिषद् का कार्यभार भी संभाला, फिर उन्हें भारतीय जतना पार्टी का मुख्या कार्यकर्त्ता बनाया गया.

अटल विहारी वाजपेयी जी के लिए उन्होंने भारीतय जनता पार्टी का जनाधार मजबूत करने के लिए बहुत मुख्या भूमिका निभाई थी. गुजरात में शंकरसिंह वाघेला का जनाधार मजबूत बनाने में नरेन्द्र मोदी की ही रणनीति थी। अप्रैल 1990 मैं जब केंद्र में गढ़बंधन की सरकार बनी उसमे भी कही हद तक नरेंद्र मोदी का सहयोग और रणनीति थी. उनकी इसी मेहनत के बलबूते 1995 गुजरात विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत से सरकार बनाई।

इसी दौरान दो राष्ट्रीय घटनायें और इस देश में घटीं। पहली घटना थी सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक की रथयात्रा जिसमें आडवाणी के प्रमुख सारथी की मूमिका में नरेन्द्र का मुख्य सहयोग रहा। इसी प्रकार कन्याकुमारी से लेकर सुदूर उत्तर में स्थित काश्मीर तक की मुरली मनोहर जोशी की दूसरी रथ यात्रा भी नरेन्द्र मोदी की ही देखरेख में आयोजित हुई.

इसके बाद शंकरसिंह बघेला नई बीजेपी को त्यागपत्र दिया और बाद में केशुभाई पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया और नरेंद्रमोदी को दिल्ली बुलाकर भाजपा के कट्टर नेता की दृष्टि से केंद्रीय मंत्री का पद सौंपा गया. उनकी और जोश के हिसाब से उन्हें 1995 मैं पांच राज्यों में भाजपा का संघटन करने का काम दिया गया था. 1998 में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री का पद दिया गया 2001 मैं केशुभाई पटेल की हालत ख़राब होने के बाद मोदी जी को गुजरात का मुख्यमंत्री बनाया गया.

नरेंद्र मोदी का गुजरात का राजनीती सफर

मोदी जी के जीवन परिचय में सबसे रोमांचक कहानी तो गुजरात ही है. गुजरात ही वह राज्य है जहां से मोदी जे ने अपने राजनीती की रथयात्रा प्रारम्भ की थी. और उस विजय रथ को अपने अंजाम तक पहुंचाया है. 2001 मैं जब गुजरात के तत्कालीन मुख्यमत्री केशुभाई पटेल के सेहत बिगड़ने लगी और उसी बीच भाजपा चुनाव की कई सीट हर चुकी थी.

तभी भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मोदी जी को गुजरात के मुख्यमत्री के पद के लिए उम्मीदवार चुना. परन्तु उस समय इस फैसले पर लालकृष्ण अडवाणी बहुत परेशान थे उन्हें लग रहा था की मोदी जी अभी इस पद के लिए अनुभवी नहीं है.

तब मोदी को पटेल जी का उपमुख्यमत्री बनने के लिए कहा गया उन्होंने इस पद ठुकरा दिया और कहा अगर जिम्मेदारी देनी है तो पूरी दे अधूरी नहीं।  इसके बाद 3 अक्टूबर 2001 को यह केशुभाई पटेल के जगह गुजरात के मुख्यमंत्री बने। इसके साथ ही उन पर दिसम्बर 2002 में होने वाले चुनाव की पूरी जिम्मेदारी भी थी.

नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री का अपना पहला कार्यकाल 7 अक्टूबर 2001 से शुरू किया। इसके बाद मोदी ने राजकोट विधानसभा चुनाव लड़ा। जिसमें काँग्रेस पार्टी के आश्विन मेहता को 14,728 मतों से हराया। नरेंद्र मोदी जी का जीवन ही राजनीती में जीत से जाना जाता है।

मोदी जी को लोग उनकी देश के प्रति लगन और उनके कार्यों से जानते है. आज वे भारत के लोकप्रिय वाक्ता है उन्हें सुनने के लिए लोग भारी संख्या में जमा हो जाते है. वह अपनी भाषा गुजरती के साथ साथ हिंदी भी बहुत अच्छी बोलते है. उन्हें अंग्रेजी भाषा का भी ज्ञान है. उन्हें अच्छे कपडे पहनने का बहुत शोक है वह कुर्ता पायजामा और सदरी के साथ साथ कभी कभी कोट पेंट भी पहनते है.

मोदी द्वारा गुजरात में चलायी जाने वाली योजना 

गुजरात के विकास के लिए मोदी जी ने बहुत सारी योजनाये बनायीं और उनके लागु भी किया गया। वो योजनाए निम्नलिखित है:-

  • पंचामृत योजना – राज्य के एकीकृत विकास की पंचायामी योजना,
  • सुजलाम् सुफलाम् – राज्य में जलस्रोतों का उचित व समेकित उपयोग, जिससे जल की बर्बादी को रोका जा सके,
  • कृषि महोत्सव – उपजाऊ भूमि के लिये शोध प्रयोगशालाएँ
  • चिरंजीवी योजना – नवजात शिशु की मृत्युदर में कमी लाने हेतु,
  • मातृ-वन्दना – जच्चा-बच्चा के स्वास्थ्य की रक्षा हेतु
  • बेटी बचाओ – भ्रूण-हत्या व लिंगानुपात पर अंकुश हेतु
  • ज्योतिग्राम योजना – प्रत्येक गाँव में बिजली पहुँचाने हेतु
  • कर्मयोगी अभियान – सरकारी कर्मचारियों में अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठा जगाने हेतु
  • कन्या कलावाणी योजना – महिला साक्षरता व शिक्षा के प्रति जागरुकता
  • बालभोग योजना – निर्धन छात्रों को विद्यालय में दोपहर का भोजन

आतंकवाद वाद पर मोदी की चोट 

मोदी जी ने अपने युवा अवस्था के समय से लेकर अबतक आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई जारी रखी है. 18 जुलाई 2006 को मोदी ने आकतंकवाद के खिलाफ एक अधिनियम जारी किया था जिसका विरोध उस समय के प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह ने किया था. मुंबई में हुए बॉम्ब बिस्फोट के बाद मोदी जी ने सरकार से आतंकवाद के खिलाफ कड़े कानून बनाने को भी कहा.

मोदी जे के अनुसार “आतंकवाद युद्ध से भी बदतर है। एक आतंकवादी के कोई नियम नहीं होते। एक आतंकवादी तय करता है कि कब, कैसे, कहाँ और किसको मारना है। भारत ने युद्धों की तुलना में आतंकी हमलों में अधिक लोगों को खोया है” .

उन्होंने सदैव आतंकवाद के खिलाफ मोर्चा खोला है उन्होंने कहा था की अगर कभी भाजपा की सरकार केंद्र में आती है तो वह सुप्रीम कोर्ट द्वारा अफजल गुरु को फांसी दिए जाने वाले फैसले का सम्मान करेंगे और आतंक के खिलाफ कड़क कानून बनायेगे। 

मोदी जी पर विवाद और आलोचनाएं 

मोदी जी के राजनीती में होने के कारन वह हमेशा विवादों में रहे। विपक्ष उन्हें कभी भी राजनीती में हरा नहीं पाया तो इसलिए वह उनकी हमेशा आलोचना करते रहते है. एक अच्छे नेता के वारे में हो रही आलोचनाएं ही उसकी जीत और उसका सम्मान होती है।

27 फरवरी 2002 में अयोध्या से आ रहे कारसेवको की ट्रेन में मुसलमानो ने आग लगा दी थी. जिसमे 58 कारसेवकों की मृत्यु हो गयी थी. इसके पश्चात गुजरात में हिन्दू-मुस्लिम दंगे भड़क गए जिसमे 1185 लोगो की जान गयी. तब विपक्ष और न्यूयोर्क टाइम्स की पत्रिका ने नरेंद्र मोदी को ही इस दंगे का जिम्मेदार ठहराया।

इसके बाद विपक्ष ने उनसे इस्तीफ़ा देने के मांग की और उन्होंने संसद को ख़ुशी ख़ुशी अपना इस्तीफ़ा दे दिया. इसके बाद पूरे देश में राष्ट्रियपति शासन लागु हो गया. और गुजरात में दोबारा चुनाव हुए जिसमे भारती जनता पार्टी ने मोदी जी के नेतृत्व में विधान सभा की कुल 182 सीटों में से 127 सीटों पर जीत हांसिल की.

इसके बाद विपक्ष ने उनपर दंगो में साजिस होने का आरोप लगया और उच्चतम न्यायलय की तरह से जाँच के लिए एक विशेष प्रकार के टीम भेजी गयी. 2010 में कोर्ट से यह फैसला सुनाया गया की एसआईटी की रिपोर्ट में मोदी के खिलाफ कोई भी ठोस सबूत नहीं पाया गया था वह निर्दोष है.

फिर 2011 में आरोप लगाया गया की रिपोर्ट में कुछ सबूत जानबूझकर छुपाये गए है जिसकी वजह से वह गुजरात दंगो में अपराधी साबित नहीं हुए है। इंडियन एक्सप्रेस और दा हिन्दू न्यूज़ ने मिलकर उन यह आरोप लगे की मोदी ने यह सबूत जानबूझकर झुप वाये है था उन्होंने इतने बड़े त्रासदी पर पानी फेरा है. उसके बाद मोदी जी ने भी एसआईटी की रोपोर्ट को लीक करवा कर प्रकाशित करने के लिए सत्ता के लालची कांग्रेस पार्टी का स्वार्थ है इनके खिलाफ इस साजिश में जाँच होनी चाइए।

सुप्रीम कोर्ट ने 2012 मैं इस मामले में फिर से एक विशेष दाल को जाँच करने का आदेश दिया और उस दाल ने फिर यही बात दोहराई की दंगे बहुत भीषण ने परन्तु इसमें नरेंद्र मोदी का कोई हाँथ नहीं था. 6 जुलाई 2012 को नई दुनिया के सम्पादक शाहिद सिद्दीकी को दिये गये एक इण्टरव्यू में नरेन्द्र मोदी ने साफ शब्दों में कहा – “2004 में मैं पहले भी कह चुका हूँ.

2002 के साम्प्रदायिक दंगों के लिये मैं क्यों माफ़ी माँगूँ? यदि मेरी सरकार ने ऐसा किया है तो उसके लिये मुझे सरे आम फाँसी दे देनी चाहिये।” मुख्यमन्त्री ने गुरुवार को नई दुनिया से फिर कहा- “अगर मोदी ने अपराध किया है तो उसे फाँसी पर लटका दो। लेकिन यदि मुझे राजनीतिक मजबूरी के चलते अपराधी कहा जाता है तो इसका मेरे पास कोई जवाब नहीं है।

2014 का लोकसभा चुनाव का सफर 

मोदी जी कारण 2014 का लोकसभा चुनाव बहुत ही चोमाँचक हो गया था. दुनिया भर में इतिहास लिखने वाला था क्योंकि इतना लोकप्रिय नेता शायद ही अब तक देश को मिला होजिसने देश मैं ही नहीं विदेश में भी अपना नाम बना लिया हो।

प्रधानमत्री पद के लिए प्रवल दावेदार 

गुजरात में लगातार जीत के बाद गोवा में भाजपा के द्वारा नरेंद्र मोदी के हांथों में 2014 के लोकसभा चुनाव की कमान सौंपी गयी थी. १३ सितम्बर 2013 की हुयी भारतीय जनता की बोर्ड बैठक में उन्हें प्रधानमंत्री पद के लिए उम्मीदवार चुना गया. उस समय पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने इसकी घोसणा की और प्रधानमंत्री पद के लिए योग्य मानते हुए उन्होंने चुनाव अभियान की जिम्मेदारी राजनाथ सिंह को सौंप दी.

प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनने के बाद सबसे पहले रैली हरियाणा राज्य के रबाड़ी जिले में की थी.  एक सांसद के रूप में उन्होंने देश की दो संसदीय सीटों पर चुनाव लड़ा था. जिसमे उत्तर प्रदेश के वाराणसी और गुजरात की बड़ोदरा से चुनाव लड़ा. और उन्होंने दोनों ही क्षेत्रों से बड़े बहुमत से विजय प्राप्त की थी.

2014 लोकसभा चुनाव का परिणाम – Biography Of Narendra Modi In Hindi

2014 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) 336 सीटें जीतकर सबसे बड़े दाल के रूप में आया. वहीं भारतीय जनता पार्टी ने 287 सीटों पर विजय प्राप्त की थी. कांग्रेस को केवल 44 सीटों पर ही विजय मिली थी और उनके सभी दलों के गठवन्धन को मिलकर 51 सीटें थी.

नरेंद्र मोदी देश के ऐसे पहले प्रधानमंत्री बने जिन्होंने आजाद भारत में जनम लेकर 14 साल गुजरात मैं मुख्यमंत्री और 2014 मैं भारत के 14वें  प्रधानमंत्री बने. एक ऐतिहासिक तथ्य यह भी है कि नेता-प्रतिपक्ष के चुनाव हेतु विपक्ष को एकजुट होना पड़ेगा क्योंकि किसी भी एक दल ने कुल लोकसभा सीटों के 10  प्रतिशत का आँकड़ा ही नहीं छुआ.

भाजपा संसदीय दल के नेता निर्वाचित

मोदी जी को अपने काम से बहुत प्रेम है और इसीलिए वह अपने कर्म को ही पूजा मानते है जब वह पहली बार प्रधानमंत्री बनकर संसद भवन पहुंचे थे तो उसमे अंदर प्रवेश से पहले उन्हेने उस पर झुककर उसकी सीढ़ियों पर सर लगाकर पैर छूकर अंदर गए जैसे लोगो पूजा के मंदिर में जाते है. इतिहास मैं अबतक ऐसा किसी भी सांसद या नेता ने नहीं किया था. ऐसा करके उन्होंने सभी को अपने काम के प्रति पूजा की भावना को दर्शाया।

राष्ट्रपति ने नरेन्द्र मोदी को भारत का 14वाँ प्रधानमन्त्री नियुक्त करते हुए इस आशय का विधिवत पत्र सौंपा। नरेन्द्र मोदी ने सोमवार 26 मई2014 को प्रधानमन्त्री पद की शपथ ली.

बड़ोदरा सीट से मोदी का इस्तीफ़ा 

जब मोदी जी ने उत्तर प्रदेश की वाराणसी और गुजरात की बड़ोदरा दोनों सीटों पर विजय प्राप्त की तो उन्हेने वडोदरा सीट पर इस्तीफ़ा देने का निश्चय किया और कहा की में वाराणसी की सीट का कार्यभार सँभालते हुए गंगा मईया की सेवा करेगे। और वाराणसी मैं अच्छी तरह से विकास करेंगे।

प्रधानमंत्री के रूप में कार्य और शपथ ग्रहण – Biography of Narendra Modi In Hindi

26 मई 2014 को भारत के प्रधानमंत्री का पद सँभालने के लिए जब वह संसद भवन पहुंचे तो उनके सपथ ग्रहण समारोह का भव्य आयोजन किया गया था. मोदी जी के साथ अन्य कई मंत्रियों ने शपथ ली थी कुछ लोगो ने हिंदी में शपथ ली तो वही पर कुछ लोगों ने इंग्लिश में शपथ ली थी की वे अपने कार्यकाल तक देश की सेवा ईमानदारी और निष्ठा के साथ करंगे. 

मोदी जी के शपथ ग्रहण समारोह में देश के ही नहीं बल्कि विदेशों की भी बड़ी बड़ी हस्तिया शामिल हुयी थी वो सभी मोदी जी के साथ उनके समर्थन के लिए थे. शपथ ग्रहण आयोजन में आये हुए मेहनमानो की सूची क्रमशा है. 

  • अफ़ग़ानिस्तान – राष्ट्रपति हामिद करज़ई
  • बांग्लादेश – संसद की अध्यक्ष शिरीन शर्मिन चौधरी
  • भूटान – प्रधानमन्त्री शेरिंग तोबगे
  • मालदीव – राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम
  • मॉरिशस – प्रधानमन्त्री नवीनचन्द्र रामगुलाम
  • पाकिस्तान – प्रधानमन्त्री नवाज़ शरीफ़
  • श्रीलंका – प्रधानमन्त्री महिन्दा राजपक्षे
  • नेपाल – प्रधानमन्त्री सुशील कोइराला

विपक्ष ने पाकिस्तान और श्रीलंका के प्रधानमंत्री को आमंत्रित करने का विरोध किया था. कांग्रेस के कई नेताों ने इस फैसले को बदलवाने की पूरी कोशिस की थी. मोदी जी के इस आमंत्रण से श्रीलंका और पाकिस्तान ने हमारे देश भारत के बंदी बना रखे मछुआरे भाइयों को रिया किया। बाद में राष्ट्रपति जी ने भी उनके इस फैसले का सम्मान किया। 

मोदी जी के इस समारोह में भारत के सभी राज्यों के मुख्यमात्रियों को भि बुलाया गया था. उसमे कांग्रेस के सभी मुख्यमात्रियों ने इस समारोह में भाग लेने सी मना कर दिया। परन्तु भाजपा और कांग्रेस के बाद सबसे जयदा बोटों से जीत प्राप्त करने वाली तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता जी ने इस समारोह में आने का फैसला किया और जबकि कुछ मुख्यमंत्रियों ने अपनी जगह अपने किसी और वयक्ति को भेजकर उनका आवेदन स्वीकार किया.

इस शपथ ग्रहण समारोह में मोदी जी के भाई और उनकी मन हीराबेन ने हिस्सा नहीं लिया था उन्होंने इस पूरे कार्यकर्म को अपने घर से टीवी पर ही देखा था. मोदी जी ने शपथ ग्रहण करने के बाद सबसे पहले वह अपनी माता जी से आशीर्वाद लेने अपने घर गए थे वहाँ उन्होंने ने अपनी माँ के चरण छुकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया था. 

भारत की अर्थव्यवस्था को बढ़ाने के लिए किये फैसले

  • भ्रष्टाचार से सम्बन्धित विशेष जाँच दल (SIT) की स्थापना
  • योजना आयोग की समाप्ति की घोषणा।
  • समस्त भारतीयों के अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा में समावेशन हेतु प्रधानमंत्री जन धन योजना का आरम्भ।
  • रक्षा उत्पादन क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति
  • 45% का कर देकर काला धन घोषित करने की छूट
  • माल और सेवा कर (जीएसटी) लगाकर कर ही हो रही चोरी को रोकना
  • सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिसों की स्वीकृति
  • रेल बजट प्रस्तुत करने की प्रथा की समाप्ति
  • काले धन तथा समान्तर अर्थव्यवस्था को समाप्त करने के लिये 8 नवम्बर 2016 से 500 तथा 1000 के प्रचलित नोटों को अमान्य करना

घरेलू नीति – Biography Of Narendra Modi In Hindi

मोदी जी ने अपने देश में भी हो रहे देश की खण्ड़ता की बातें और ऐसे संसाधनों को रद्द कार्य और उनके खिलाफ कड़ी कार्यवायी की है. 

  • हजारों एन जी ओ जो देश के टुकड़े करने के बात करते थे उनका का पंजीकरण रद्द करना
  • अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को ‘अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय’ न मानना
  • 80 वर्ष से अधिक उम्र के सांसदों एवं विधायकों को मंत्रिपद न देने का कड़ा निर्णय
  • जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली में राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर लगाम
  • तीन बार तलाक कहकर तलाक देने के विरुद्ध निर्णय

देश के सभी आम जनता से जुड़ना और उनके हाल और हवाल देखना 

मोदी ने जी ने देश के सभी आम नागरिकों से जुड़ने के लिए बहुत अच्छे कदम उढ़ाये उनके सभी हाल और हवाल देखे उन्होंने देखा कि किस प्रकार आम नागरिक परेशान है तो उन्होंने सभी गरीव नागरिकों को पक्के घर और उनके घर में बिजली पहुंचने का कार्य किया।

देश की आम जनता की बात जाने और उन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम की शुरुआत की। इस कार्यक्रम के माध्यम से मोदी ने लोगों के विचारों को जानने की कोशिश की और साथ ही साथ उन्होंने लोगों से स्वच्छता अभियान सहित विभिन्न योजनाओं से जुड़ने की अपील की.

देश की सुरक्षा पर जोर देना

मोदी जी ने हमेशा से एक सपना देखा जिसमे देश  सुरक्षा को सबसे मजबूत करना है और वो ऐसा कर भी रहे है. मोदी जी की नेतृत्व वाली सरकार ने देश की सेना और सुरक्षा बजट को बहुत वड़ा कर दिया है. आज हमारे देश को कोई भी हानि नहीं पंहुचा सकता है. मोदी जी हमारी भारती सेना को आधुनिक हथियार दिला रहे है.

आज हमारे देश की सेना विश्ब के किसी भी देश की सेना से लोहा लेने को तैयार है। सेना को ब्रह्मोस मिसाईल और राफेल जैसे ताकतवर विमानों को दिया है को दिया है जिससे सेना की ताकत को और बढ़ाया जा सका। मोदी जी की सरकार ने देश के सेना का वेतन और पेंशन को बढ़ाया है जिससे देश की सेवा करने वालो को कोई समस्या न हो.

विदेश में नरेंद्र मोदी का सम्मान (वैश्विक छवि)

मोदी जी की सरकार ने अपनी शुरुआत से ही यह दर्शाया है की उनकी विदेश निति बहुत मजबूत है और खासतौर पर नरेन्द्र मोदी को आज विदेशों में सभी लोग बुलाना चाहते है उनसे दोस्ती करना चाहते है. मोदी जी के हमारे देश में ही नहीं बल्कि पूरे विश्व में एक अच्छे और बड़े नेता की छवि है.

आप उनकी इस लोकप्रियता का यहां से अंदाजा लगा सकते है की आज दुसरे देशों में मोदी जी की दोस्ती के नाम के वोट मांगे जाते है. और तो और कुछ देश को लोग तो उनकी मदद करने पर मोदी जी की मूर्ती अपने देश में बनवान चाहते है.

  • शपथग्रहण समारोह में समस्त सार्क देशों को आमंत्रण.
  • सर्वप्रथम विदेश यात्रा के लिए भूटान का चयन.
  • ब्रिक्स सम्मेलन में नए विकास बैंक की स्थापना.
  • नेपाल यात्रा में पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा.
  • अमेरिका व चीन से पहले जापान की यात्रा.
  • पाकिस्तान को अन्तरराष्ट्रीय जगत में अलग-थलग करने में सफल.
  • जुलाई 2017 में इजराइल की यात्रा, इजराइल के साथ सम्बन्धों में नये युग का आरम्भ.

नरेंद्र मोदी के जीवन की मुख्य फोटो – Biography Of Narendra Modi In Hindi

नरेंद्र मोदी के जीवन के कुछ मुख्या द्रश्य जो हम आपको नीचे दिखाने वाले है:-

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www.hindividhya.com, नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री की सफत लेते हुए.

www.hindividhya.com, नरेन्द्र मोदी जी अपनी माता से आशिर्वाद लेते हुए.

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Dear Students, मैं आशा करती हूँ की आपको Biography Of Narendra Modi In Hindi – नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय को पढ़कर अच्छा लगा होगा. अब आप भी Biography Of Narendra Modi In Hindi  के बारे में लिख सकते है और लोगो को समझा सकते है. यदि आपको इस Biography Of Narendra Modi In Hindi  से related कोई भी समस्या है तो आप हमें comment करके पूछ सकते है.

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2 responses to “Biography Of Narendra Modi In Hindi – नरेन्द्र मोदी का जीवन परिचय”

  1. priyanka says:

    best article on ur blog this is good information for me thanks for give me a good knowledge

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